15 मार्च 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 15 मार्च 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 मार्च 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (10:51 तक), नक्षत्र रोहिणी (09:26 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 07:57 से 09:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:24
रात 06:26 तक
तिथि
सप्तमी, 10:51 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 09:26 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:27 – 07:57शुभ
काल07:57 – 09:26टालें
शुभ09:26 – 10:56शुभ
रोग10:56 – 12:26टालें
उद्वेग12:26 – 13:55टालें
चर13:55 – 15:25सामान्य
लाभ15:25 – 16:55शुभ
अमृत16:55 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:24 – 19:54सामान्य
रोग19:54 – 21:25टालें
काल21:25 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:55टालें
शुभ01:55 – 03:25शुभ
अमृत03:25 – 04:56शुभ
चर04:56 – 06:26सामान्य

15 मार्च 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 10:51 तक
शुक्ल अष्टमी 08:54, 16 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 09:26 तक
मृगशिरा 08:13, 16 मार्च तक
योग
प्रीति 14:37 तक
आयुष्मान 11:50, 16 मार्च तक
करण
वणिज 10:51 तक
विष्टि (भद्रा) 21:55 तक
बव 08:54, 16 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 20:51 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
10:44
चंद्रास्त
00:37
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
07:57 – 09:26
यमगंड
10:56 – 12:26
गुलिक काल
13:55 – 15:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2707:27दिन
शनि07:2708:26दिन
गुरु08:2609:26दिन
मंगल09:2610:26दिन
सूर्य10:2611:26दिन
शुक्र11:2612:26दिन
बुध12:2613:25दिन
चंद्र13:2514:25दिन
शनि14:2515:25दिन
गुरु15:2516:25दिन
मंगल16:2517:24दिन
सूर्य17:2418:24दिन
शुक्र18:2419:24रात
बुध19:2420:25रात
चंद्र20:2521:25रात
शनि21:2522:25रात
गुरु22:2523:25रात
मंगल23:2500:25रात
सूर्य00:2501:25रात
शुक्र01:2502:25रात
बुध02:2503:25रात
चंद्र03:2504:25रात
शनि04:2505:26रात
गुरु05:2606:26रात

अयनांश 24.2370° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।