23 मार्च 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 23 मार्च 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 मार्च 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (14:28 तक), नक्षत्र हस्त (19:49 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 15:26 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 18:29
रात 06:16 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:28 तक
द्वितीया
नक्षत्र
हस्त, 19:49 तक
चित्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:17 – 07:49टालें
उद्वेग07:49 – 09:20टालें
चर09:20 – 10:52सामान्य
लाभ10:52 – 12:23शुभ
अमृत12:23 – 13:55शुभ
काल13:55 – 15:26टालें
शुभ15:26 – 16:58शुभ
रोग16:58 – 18:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:29 – 19:58टालें
लाभ19:58 – 21:26शुभ
उद्वेग21:26 – 22:54टालें
शुभ22:54 – 00:23शुभ
अमृत00:23 – 01:51शुभ
चर01:51 – 03:19सामान्य
रोग03:19 – 04:48टालें
काल04:48 – 06:16टालें

23 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:28 तक
कृष्ण द्वितीया 13:14, 24 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 19:49 तक
चित्रा 19:25, 24 मार्च तक
योग
वृद्धि 11:27 तक
ध्रुव 09:15, 24 मार्च तक
करण
कौलव 14:28 तक
तैतिल 01:47, 24 मार्च तक
गर 13:14, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
19:37
चंद्रास्त
06:27
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
15:26 – 16:58
यमगंड
09:20 – 10:52
गुलिक काल
12:23 – 13:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1707:18दिन
सूर्य07:1808:19दिन
शुक्र08:1909:20दिन
बुध09:2010:21दिन
चंद्र10:2111:22दिन
शनि11:2212:23दिन
गुरु12:2313:24दिन
मंगल13:2414:25दिन
सूर्य14:2515:26दिन
शुक्र15:2616:27दिन
बुध16:2717:28दिन
चंद्र17:2818:29दिन
शनि18:2919:28रात
गुरु19:2820:27रात
मंगल20:2721:26रात
सूर्य21:2622:25रात
शुक्र22:2523:24रात
बुध23:2400:23रात
चंद्र00:2301:22रात
शनि01:2202:20रात
गुरु02:2003:19रात
मंगल03:1904:18रात
सूर्य04:1805:17रात
शुक्र05:1706:16रात

अयनांश 24.2373° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।