25 अप्रैल 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 25 अप्रैल 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 25 अप्रैल 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (05:42 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:57 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 17:11 से 18:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:50
रात 05:39 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 08:57 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:40 – 07:18टालें
चर07:18 – 08:57सामान्य
लाभ08:57 – 10:36शुभ
अमृत10:36 – 12:15शुभ
काल12:15 – 13:53टालें
शुभ13:53 – 15:32शुभ
रोग15:32 – 17:11टालें
उद्वेग17:11 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:50 – 20:11शुभ
अमृत20:11 – 21:32शुभ
चर21:32 – 22:53सामान्य
रोग22:53 – 00:14टालें
काल00:14 – 01:35टालें
लाभ01:35 – 02:56शुभ
उद्वेग02:56 – 04:17टालें
शुभ04:17 – 05:39शुभ

25 अप्रैल 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 05:42 तक
कृष्ण पंचमी 07:37, 26 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 11:30, 26 अप्रैल तक
योग
परिघअशुभ 14:11 तक
शिव 14:48, 26 अप्रैल तक
करण
बालव 05:42 तक
कौलव 18:35 तक
तैतिल 07:37, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
23:18
चंद्रास्त
08:27
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
17:11 – 18:50
यमगंड
12:15 – 13:53
गुलिक काल
15:32 – 17:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4006:45दिन
शुक्र06:4507:51दिन
बुध07:5108:57दिन
चंद्र08:5710:03दिन
शनि10:0311:09दिन
गुरु11:0912:15दिन
मंगल12:1513:20दिन
सूर्य13:2014:26दिन
शुक्र14:2615:32दिन
बुध15:3216:38दिन
चंद्र16:3817:44दिन
शनि17:4418:50दिन
गुरु18:5019:44रात
मंगल19:4420:38रात
सूर्य20:3821:32रात
शुक्र21:3222:26रात
बुध22:2623:20रात
चंद्र23:2000:14रात
शनि00:1401:08रात
गुरु01:0802:02रात
मंगल02:0202:56रात
सूर्य02:5603:50रात
शुक्र03:5004:44रात
बुध04:4405:39रात

अयनांश 24.2386° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।