24 अप्रैल 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शनिवार, 24 अप्रैल 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 24 अप्रैल 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (05:42, 25 अप्रैल तक), नक्षत्र अनुराधा (06:57 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 08:58 से 10:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:49
रात 05:40 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:41 – 07:19टालें
शुभ07:19 – 08:58शुभ
रोग08:58 – 10:36टालें
उद्वेग10:36 – 12:15टालें
चर12:15 – 13:53सामान्य
लाभ13:53 – 15:32शुभ
अमृत15:32 – 17:10शुभ
काल17:10 – 18:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:49 – 20:10शुभ
उद्वेग20:10 – 21:32टालें
शुभ21:32 – 22:53शुभ
अमृत22:53 – 00:14शुभ
चर00:14 – 01:36सामान्य
रोग01:36 – 02:57टालें
काल02:57 – 04:18टालें
लाभ04:18 – 05:40शुभ

24 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 05:42, 25 अप्रैल तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 08:57, 25 अप्रैल तक
योग
वरीयान 13:58 तक
परिघअशुभ 14:11, 25 अप्रैल तक
करण
बव 16:57 तक
बालव 05:42, 25 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
22:26
चंद्रास्त
07:36
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
08:58 – 10:36
यमगंड
13:53 – 15:32
गुलिक काल
05:41 – 07:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4106:46दिन
गुरु06:4607:52दिन
मंगल07:5208:58दिन
सूर्य08:5810:03दिन
शुक्र10:0311:09दिन
बुध11:0912:15दिन
चंद्र12:1513:20दिन
शनि13:2014:26दिन
गुरु14:2615:32दिन
मंगल15:3216:38दिन
सूर्य16:3817:43दिन
शुक्र17:4318:49दिन
बुध18:4919:43रात
चंद्र19:4320:37रात
शनि20:3721:32रात
गुरु21:3222:26रात
मंगल22:2623:20रात
सूर्य23:2000:14रात
शुक्र00:1401:08रात
बुध01:0802:03रात
चंद्र02:0302:57रात
शनि02:5703:51रात
गुरु03:5104:45रात
मंगल04:4505:40रात

अयनांश 24.2385° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।