28 अप्रैल 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 28 अप्रैल 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 28 अप्रैल 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (12:31 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (17:30 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 12:14 से 13:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 18:52
रात 05:36 तक
तिथि
सप्तमी, 12:31 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 17:30 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:37 – 07:16शुभ
अमृत07:16 – 08:55शुभ
काल08:55 – 10:35टालें
शुभ10:35 – 12:14शुभ
रोग12:14 – 13:53टालें
उद्वेग13:53 – 15:33टालें
चर15:33 – 17:12सामान्य
लाभ17:12 – 18:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:52 – 20:12टालें
शुभ20:12 – 21:33शुभ
अमृत21:33 – 22:53शुभ
चर22:53 – 00:14सामान्य
रोग00:14 – 01:34टालें
काल01:34 – 02:55टालें
लाभ02:55 – 04:15शुभ
उद्वेग04:15 – 05:36टालें

28 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 12:31 तक
कृष्ण अष्टमी 15:01, 29 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 20:30, 29 अप्रैल तक
योग
साध्य 16:44 तक
शुभ 17:42, 29 अप्रैल तक
करण
बव 12:31 तक
बालव 01:47, 29 अप्रैल तक
कौलव 15:01, 29 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
00:44
चंद्रास्त
11:15
दिनमान
13h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:41 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:14 – 13:53
यमगंड
07:16 – 08:55
गुलिक काल
10:35 – 12:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3706:43दिन
चंद्र06:4307:49दिन
शनि07:4908:55दिन
गुरु08:5510:02दिन
मंगल10:0211:08दिन
सूर्य11:0812:14दिन
शुक्र12:1413:20दिन
बुध13:2014:27दिन
चंद्र14:2715:33दिन
शनि15:3316:39दिन
गुरु16:3917:45दिन
मंगल17:4518:52दिन
सूर्य18:5219:45रात
शुक्र19:4520:39रात
बुध20:3921:33रात
चंद्र21:3322:26रात
शनि22:2623:20रात
गुरु23:2000:14रात
मंगल00:1401:07रात
सूर्य01:0702:01रात
शुक्र02:0102:55रात
बुध02:5503:48रात
चंद्र03:4804:42रात
शनि04:4205:36रात

अयनांश 24.2387° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।