29 अप्रैल 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 29 अप्रैल 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 29 अप्रैल 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (15:01 तक), नक्षत्र श्रवण (20:30 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 13:54 से 15:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:52
रात 05:35 तक
तिथि
अष्टमी, 15:01 तक
नवमी
नक्षत्र
श्रवण, 20:30 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:36 – 07:15शुभ
रोग07:15 – 08:55टालें
उद्वेग08:55 – 10:34टालें
चर10:34 – 12:14सामान्य
लाभ12:14 – 13:54शुभ
अमृत13:54 – 15:33शुभ
काल15:33 – 17:13टालें
शुभ17:13 – 18:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:52 – 20:13शुभ
चर20:13 – 21:33सामान्य
रोग21:33 – 22:53टालें
काल22:53 – 00:13टालें
लाभ00:13 – 01:34शुभ
उद्वेग01:34 – 02:54टालें
शुभ02:54 – 04:14शुभ
अमृत04:14 – 05:35शुभ

29 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 15:01 तक
कृष्ण नवमी 17:14, 30 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 20:30 तक
धनिष्ठा 23:10, 30 अप्रैल तक
योग
शुभ 17:42 तक
शुक्ल 18:25, 30 अप्रैल तक
करण
कौलव 15:01 तक
तैतिल 04:11, 30 अप्रैल तक
गर 17:14, 30 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
01:19
चंद्रास्त
12:11
दिनमान
13h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
13:54 – 15:33
यमगंड
05:36 – 07:15
गुलिक काल
08:55 – 10:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3606:42दिन
मंगल06:4207:48दिन
सूर्य07:4808:55दिन
शुक्र08:5510:01दिन
बुध10:0111:08दिन
चंद्र11:0812:14दिन
शनि12:1413:20दिन
गुरु13:2014:27दिन
मंगल14:2715:33दिन
सूर्य15:3316:39दिन
शुक्र16:3917:46दिन
बुध17:4618:52दिन
चंद्र18:5219:46रात
शनि19:4620:39रात
गुरु20:3921:33रात
मंगल21:3322:26रात
सूर्य22:2623:20रात
शुक्र23:2000:13रात
बुध00:1301:07रात
चंद्र01:0702:01रात
शनि02:0102:54रात
गुरु02:5403:48रात
मंगल03:4804:41रात
सूर्य04:4105:35रात

अयनांश 24.2387° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।