31 अगस्त 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 31 अगस्त 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 31 अगस्त 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (23:11 तक), नक्षत्र मघा (22:20 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 15:29 से 17:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:41
रात 05:53 तक
तिथि
अमावस्या, 23:11 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मघा, 22:20 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:52 – 07:28टालें
उद्वेग07:28 – 09:04टालें
चर09:04 – 10:41सामान्य
लाभ10:41 – 12:17शुभ
अमृत12:17 – 13:53शुभ
काल13:53 – 15:29टालें
शुभ15:29 – 17:05शुभ
रोग17:05 – 18:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:41 – 20:05टालें
लाभ20:05 – 21:29शुभ
उद्वेग21:29 – 22:53टालें
शुभ22:53 – 00:17शुभ
अमृत00:17 – 01:41शुभ
चर01:41 – 03:05सामान्य
रोग03:05 – 04:29टालें
काल04:29 – 05:53टालें

31 अगस्त 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 23:11 तक
शुक्ल प्रतिपदा 19:50, 1 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:20 तक
पूर्वा फाल्गुनी 19:48, 1 सित॰ तक
योग
शिव 21:36 तक
सिद्ध 17:45, 1 सित॰ तक
करण
चतुष्पद 12:55 तक
नाग 23:11 तक
किंस्तुघ्न 09:29, 1 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
05:09
चंद्रास्त
18:20
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
15:29 – 17:05
यमगंड
09:04 – 10:41
गुलिक काल
12:17 – 13:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5206:56दिन
सूर्य06:5608:00दिन
शुक्र08:0009:04दिन
बुध09:0410:09दिन
चंद्र10:0911:13दिन
शनि11:1312:17दिन
गुरु12:1713:21दिन
मंगल13:2114:25दिन
सूर्य14:2515:29दिन
शुक्र15:2916:33दिन
बुध16:3317:37दिन
चंद्र17:3718:41दिन
शनि18:4119:37रात
गुरु19:3720:33रात
मंगल20:3321:29रात
सूर्य21:2922:25रात
शुक्र22:2523:21रात
बुध23:2100:17रात
चंद्र00:1701:13रात
शनि01:1302:09रात
गुरु02:0903:05रात
मंगल03:0504:01रात
सूर्य04:0104:57रात
शुक्र04:5705:53रात

अयनांश 24.2435° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।