30 अगस्त 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 30 अगस्त 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 अगस्त 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (06:13 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:03, 31 अग॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 07:28 से 09:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:42
रात 05:52 तक
तिथि
चतुर्दशी, 02:41 तक
अमावस्या
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:03 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:52 – 07:28शुभ
काल07:28 – 09:04टालें
शुभ09:04 – 10:41शुभ
रोग10:41 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:29सामान्य
लाभ15:29 – 17:06शुभ
अमृत17:06 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:42 – 20:06सामान्य
रोग20:06 – 21:30टालें
काल21:30 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:41टालें
शुभ01:41 – 03:05शुभ
अमृत03:05 – 04:29शुभ
चर04:29 – 05:52सामान्य

30 अगस्त 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 06:13 तक
कृष्ण चतुर्दशी 02:41, 31 अग॰ तक
अमावस्या 23:11, 31 अग॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:03, 31 अग॰ तक
मघा 22:20, 31 अग॰ तक
योग
परिघअशुभ 01:36, 31 अग॰ तक
शिव 21:36, 31 अग॰ तक
करण
वणिज 06:13 तक
विष्टि (भद्रा) 16:27 तक
शकुनि 02:41, 31 अग॰ तक
चतुष्पद 12:55, 31 अग॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:03, 31 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
03:58
चंद्रास्त
17:43
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
07:28 – 09:04
यमगंड
10:41 – 12:17
गुलिक काल
13:53 – 15:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5206:56दिन
शनि06:5608:00दिन
गुरु08:0009:04दिन
मंगल09:0410:09दिन
सूर्य10:0911:13दिन
शुक्र11:1312:17दिन
बुध12:1713:21दिन
चंद्र13:2114:25दिन
शनि14:2515:29दिन
गुरु15:2916:34दिन
मंगल16:3417:38दिन
सूर्य17:3818:42दिन
शुक्र18:4219:38रात
बुध19:3820:34रात
चंद्र20:3421:30रात
शनि21:3022:25रात
गुरु22:2523:21रात
मंगल23:2100:17रात
सूर्य00:1701:13रात
शुक्र01:1302:09रात
बुध02:0903:05रात
चंद्र03:0504:01रात
शनि04:0104:57रात
गुरु04:5705:52रात

अयनांश 24.2434° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।