5 अप्रैल 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 5 अप्रैल 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 अप्रैल 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (07:46 तक), नक्षत्र आश्लेषा (21:41 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 12:19 से 13:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:38
रात 06:00 तक
तिथि
एकादशी, 04:59 तक
नक्षत्र
आश्लेषा, 21:41 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:01 – 07:35शुभ
अमृत07:35 – 09:10शुभ
काल09:10 – 10:45टालें
शुभ10:45 – 12:19शुभ
रोग12:19 – 13:54टालें
उद्वेग13:54 – 15:28टालें
चर15:28 – 17:03सामान्य
लाभ17:03 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:38 – 20:03टालें
शुभ20:03 – 21:28शुभ
अमृत21:28 – 22:53शुभ
चर22:53 – 00:19सामान्य
रोग00:19 – 01:44टालें
काल01:44 – 03:09टालें
लाभ03:09 – 04:34शुभ
उद्वेग04:34 – 06:00टालें

5 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल दशमी 07:46 तक
शुक्ल एकादशी 04:59, 6 अप्रैल तक
शुक्ल द्वादशी 01:52, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 19:27, 6 अप्रैल तक
योग
धृति 13:14 तक
शूलअशुभ 09:44, 6 अप्रैल तक
करण
गर 07:46 तक
वणिज 18:25 तक
विष्टि (भद्रा) 04:59, 6 अप्रैल तक
बव 15:27, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कर्क 21:41 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
14:15
चंद्रास्त
02:59
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:44 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:19 – 13:54
यमगंड
07:35 – 09:10
गुलिक काल
10:45 – 12:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0107:04दिन
चंद्र07:0408:07दिन
शनि08:0709:10दिन
गुरु09:1010:13दिन
मंगल10:1311:16दिन
सूर्य11:1612:19दिन
शुक्र12:1913:22दिन
बुध13:2214:25दिन
चंद्र14:2515:28दिन
शनि15:2816:31दिन
गुरु16:3117:35दिन
मंगल17:3518:38दिन
सूर्य18:3819:34रात
शुक्र19:3420:31रात
बुध20:3121:28रात
चंद्र21:2822:25रात
शनि22:2523:22रात
गुरु23:2200:19रात
मंगल00:1901:15रात
सूर्य01:1502:12रात
शुक्र02:1203:09रात
बुध03:0904:06रात
चंद्र04:0605:03रात
शनि05:0306:00रात

अयनांश 24.2518° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।