23 अगस्त 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 23 अगस्त 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 23 अगस्त 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (01:55, 24 अग॰ तक), नक्षत्र हस्त (23:16 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 12:19 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 18:49
रात 05:49 तक
तिथि
चतुर्थी, 01:55 तक
पंचमी
नक्षत्र
हस्त, 23:16 तक
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:48 – 07:26शुभ
अमृत07:26 – 09:03शुभ
काल09:03 – 10:41टालें
शुभ10:41 – 12:19शुभ
रोग12:19 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:34टालें
चर15:34 – 17:11सामान्य
लाभ17:11 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:49 – 20:11टालें
शुभ20:11 – 21:34शुभ
अमृत21:34 – 22:56शुभ
चर22:56 – 00:19सामान्य
रोग00:19 – 01:41टालें
काल01:41 – 03:04टालें
लाभ03:04 – 04:26शुभ
उद्वेग04:26 – 05:49टालें

23 अगस्त 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 01:55, 24 अग॰ तक
शुक्ल पंचमी 23:10, 24 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 23:16 तक
चित्रा 21:15, 24 अग॰ तक
योग
साध्य 12:50 तक
शुभ 09:13, 24 अग॰ तक
करण
वणिज 15:29 तक
विष्टि (भद्रा) 01:55, 24 अग॰ तक
बव 12:28, 24 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
08:52
चंद्रास्त
20:30
दिनमान
13h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:45 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:19 – 13:56
यमगंड
07:26 – 09:03
गुलिक काल
10:41 – 12:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4806:53दिन
चंद्र06:5307:58दिन
शनि07:5809:03दिन
गुरु09:0310:09दिन
मंगल10:0911:14दिन
सूर्य11:1412:19दिन
शुक्र12:1913:24दिन
बुध13:2414:29दिन
चंद्र14:2915:34दिन
शनि15:3416:39दिन
गुरु16:3917:44दिन
मंगल17:4418:49दिन
सूर्य18:4919:44रात
शुक्र19:4420:39रात
बुध20:3921:34रात
चंद्र21:3422:29रात
शनि22:2923:24रात
गुरु23:2400:19रात
मंगल00:1901:14रात
सूर्य01:1402:09रात
शुक्र02:0903:04रात
बुध03:0403:59रात
चंद्र03:5904:54रात
शनि04:5405:49रात

अयनांश 24.2572° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।