19 अक्टूबर 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 19 अक्टूबर 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 19 अक्टूबर 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (01:59, 20 अक्टू॰ तक), नक्षत्र स्वाति (14:58 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 13:26 से 14:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 17:41
रात 06:22 तक
तिथि
द्वितीया, 01:59 तक
तृतीया
नक्षत्र
स्वाति, 14:58 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:21 – 07:46शुभ
रोग07:46 – 09:11टालें
उद्वेग09:11 – 10:36टालें
चर10:36 – 12:01सामान्य
लाभ12:01 – 13:26शुभ
अमृत13:26 – 14:51शुभ
काल14:51 – 16:16टालें
शुभ16:16 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:41 – 19:16शुभ
चर19:16 – 20:51सामान्य
रोग20:51 – 22:26टालें
काल22:26 – 00:01टालें
लाभ00:01 – 01:36शुभ
उद्वेग01:36 – 03:12टालें
शुभ03:12 – 04:47शुभ
अमृत04:47 – 06:22शुभ

19 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 01:59, 20 अक्टू॰ तक
शुक्ल तृतीया 23:32, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 14:58 तक
विशाखा 12:58, 20 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 21:43 तक
आयुष्मान 18:26, 20 अक्टू॰ तक
करण
बालव 15:26 तक
कौलव 01:59, 20 अक्टू॰ तक
तैतिल 12:41, 20 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
07:34
चंद्रास्त
18:20
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
13:26 – 14:51
यमगंड
06:21 – 07:46
गुलिक काल
09:11 – 10:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2107:18दिन
मंगल07:1808:14दिन
सूर्य08:1409:11दिन
शुक्र09:1110:08दिन
बुध10:0811:04दिन
चंद्र11:0412:01दिन
शनि12:0112:58दिन
गुरु12:5813:54दिन
मंगल13:5414:51दिन
सूर्य14:5115:48दिन
शुक्र15:4816:44दिन
बुध16:4417:41दिन
चंद्र17:4118:44रात
शनि18:4419:48रात
गुरु19:4820:51रात
मंगल20:5121:55रात
सूर्य21:5522:58रात
शुक्र22:5800:01रात
बुध00:0101:05रात
चंद्र01:0502:08रात
शनि02:0803:12रात
गुरु03:1204:15रात
मंगल04:1505:18रात
सूर्य05:1806:22रात

अयनांश 24.2594° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।