15 नवंबर 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 15 नवंबर 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 15 नवंबर 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (21:34 तक), नक्षत्र स्वाति (01:34, 16 नव॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 12:01 से 13:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 17:20
रात 06:43 तक
तिथि
चतुर्दशी, 21:34 तक
अमावस्या
नक्षत्र
स्वाति, 01:34 तक
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:42 – 08:02शुभ
अमृत08:02 – 09:21शुभ
काल09:21 – 10:41टालें
शुभ10:41 – 12:01शुभ
रोग12:01 – 13:21टालें
उद्वेग13:21 – 14:40टालें
चर14:40 – 16:00सामान्य
लाभ16:00 – 17:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:20 – 19:00टालें
शुभ19:00 – 20:41शुभ
अमृत20:41 – 22:21शुभ
चर22:21 – 00:01सामान्य
रोग00:01 – 01:42टालें
काल01:42 – 03:22टालें
लाभ03:22 – 05:02शुभ
उद्वेग05:02 – 06:43टालें

15 नवंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 21:34 तक
अमावस्या 18:47, 16 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 01:34, 16 नव॰ तक
विशाखा 23:35, 16 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 10:42 तक
सौभाग्य 07:06, 16 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:04 तक
शकुनि 21:34 तक
चतुष्पद 08:08, 16 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
05:10
चंद्रास्त
16:08
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:22 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:01 – 13:21
यमगंड
08:02 – 09:21
गुलिक काल
10:41 – 12:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4207:35दिन
चंद्र07:3508:28दिन
शनि08:2809:21दिन
गुरु09:2110:14दिन
मंगल10:1411:08दिन
सूर्य11:0812:01दिन
शुक्र12:0112:54दिन
बुध12:5413:47दिन
चंद्र13:4714:40दिन
शनि14:4015:34दिन
गुरु15:3416:27दिन
मंगल16:2717:20दिन
सूर्य17:2018:27रात
शुक्र18:2719:34रात
बुध19:3420:41रात
चंद्र20:4121:47रात
शनि21:4722:54रात
गुरु22:5400:01रात
मंगल00:0101:08रात
सूर्य01:0802:15रात
शुक्र02:1503:22रात
बुध03:2204:29रात
चंद्र04:2905:36रात
शनि05:3606:43रात

अयनांश 24.2604° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।