2 जनवरी 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 2 जनवरी 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 2 जनवरी 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (19:06 तक), नक्षत्र पुष्य (02:44, 3 जन॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 14:54 से 16:11 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 17:28
रात 07:13 तक
तिथि
द्वितीया, 19:06 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुष्य, 02:44 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:13 – 08:30टालें
उद्वेग08:30 – 09:47टालें
चर09:47 – 11:04सामान्य
लाभ11:04 – 12:20शुभ
अमृत12:20 – 13:37शुभ
काल13:37 – 14:54टालें
शुभ14:54 – 16:11शुभ
रोग16:11 – 17:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:28 – 19:11टालें
लाभ19:11 – 20:54शुभ
उद्वेग20:54 – 22:37टालें
शुभ22:37 – 00:21शुभ
अमृत00:21 – 02:04शुभ
चर02:04 – 03:47सामान्य
रोग03:47 – 05:30टालें
काल05:30 – 07:13टालें

2 जनवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 19:06 तक
कृष्ण तृतीया 17:03, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 02:44, 3 जन॰ तक
आश्लेषा 01:18, 4 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:32 तक
विष्कंभअशुभ 15:38, 3 जन॰ तक
करण
तैतिल 08:02 तक
गर 19:06 तक
वणिज 06:06, 3 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:03, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
19:21
चंद्रास्त
08:21
दिनमान
10h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
14:54 – 16:11
यमगंड
09:47 – 11:04
गुलिक काल
12:20 – 13:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1308:04दिन
सूर्य08:0408:55दिन
शुक्र08:5509:47दिन
बुध09:4710:38दिन
चंद्र10:3811:29दिन
शनि11:2912:20दिन
गुरु12:2013:12दिन
मंगल13:1214:03दिन
सूर्य14:0314:54दिन
शुक्र14:5415:46दिन
बुध15:4616:37दिन
चंद्र16:3717:28दिन
शनि17:2818:37रात
गुरु18:3719:46रात
मंगल19:4620:54रात
सूर्य20:5422:03रात
शुक्र22:0323:12रात
बुध23:1200:21रात
चंद्र00:2101:29रात
शनि01:2902:38रात
गुरु02:3803:47रात
मंगल03:4704:55रात
सूर्य04:5506:04रात
शुक्र06:0407:13रात

अयनांश 24.2622° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।