17 जनवरी 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 17 जनवरी 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 जनवरी 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (02:14, 18 जन॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (20:07 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 12:27 से 13:45 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 17:40
रात 07:13 तक
तिथि
तृतीया, 02:14 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 20:07 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:13 – 08:31शुभ
अमृत08:31 – 09:50शुभ
काल09:50 – 11:08टालें
शुभ11:08 – 12:27शुभ
रोग12:27 – 13:45टालें
उद्वेग13:45 – 15:03टालें
चर15:03 – 16:22सामान्य
लाभ16:22 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:40 – 19:22टालें
शुभ19:22 – 21:03शुभ
अमृत21:03 – 22:45शुभ
चर22:45 – 00:26सामान्य
रोग00:26 – 02:08टालें
काल02:08 – 03:50टालें
लाभ03:50 – 05:31शुभ
उद्वेग05:31 – 07:13टालें

17 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 02:14, 18 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 04:17, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 22:32, 18 जन॰ तक
योग
सिद्धि 07:45 तक
व्यतीपातअशुभ 07:56, 18 जन॰ तक
करण
तैतिल 13:22 तक
गर 02:14, 18 जन॰ तक
वणिज 15:12, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
08:37
चंद्रास्त
20:16
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:47 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:27 – 13:45
यमगंड
08:31 – 09:50
गुलिक काल
11:08 – 12:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1308:05दिन
चंद्र08:0508:57दिन
शनि08:5709:50दिन
गुरु09:5010:42दिन
मंगल10:4211:34दिन
सूर्य11:3412:27दिन
शुक्र12:2713:19दिन
बुध13:1914:11दिन
चंद्र14:1115:03दिन
शनि15:0315:56दिन
गुरु15:5616:48दिन
मंगल16:4817:40दिन
सूर्य17:4018:48रात
शुक्र18:4819:56रात
बुध19:5621:03रात
चंद्र21:0322:11रात
शनि22:1123:19रात
गुरु23:1900:26रात
मंगल00:2601:34रात
सूर्य01:3402:42रात
शुक्र02:4203:50रात
बुध03:5004:57रात
चंद्र04:5706:05रात
शनि06:0507:13रात

अयनांश 24.2628° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।