31 जनवरी 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 31 जनवरी 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 31 जनवरी 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (08:49 तक), नक्षत्र आश्लेषा (10:01 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 12:30 से 13:51 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 17:52
रात 07:07 तक
तिथि
द्वितीया, 05:50 तक
तृतीया
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:07 – 08:28शुभ
अमृत08:28 – 09:49शुभ
काल09:49 – 11:09टालें
शुभ11:09 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 13:51टालें
उद्वेग13:51 – 15:11टालें
चर15:11 – 16:32सामान्य
लाभ16:32 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:52 – 19:32टालें
शुभ19:32 – 21:11शुभ
अमृत21:11 – 22:50शुभ
चर22:50 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 02:09टालें
काल02:09 – 03:48टालें
लाभ03:48 – 05:27शुभ
उद्वेग05:27 – 07:07टालें

31 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 08:49 तक
कृष्ण द्वितीया 05:50, 1 फ़र॰ तक
कृष्ण तृतीया 02:45, 2 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 07:45, 1 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 19:13 तक
शोभन 15:30, 1 फ़र॰ तक
करण
कौलव 08:49 तक
तैतिल 19:21 तक
गर 05:50, 1 फ़र॰ तक
वणिज 16:17, 1 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 10:01 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
19:17
चंद्रास्त
07:35
दिनमान
10h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 13:51
यमगंड
08:28 – 09:49
गुलिक काल
11:09 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0708:01दिन
चंद्र08:0108:55दिन
शनि08:5509:49दिन
गुरु09:4910:42दिन
मंगल10:4211:36दिन
सूर्य11:3612:30दिन
शुक्र12:3013:24दिन
बुध13:2414:17दिन
चंद्र14:1715:11दिन
शनि15:1116:05दिन
गुरु16:0516:59दिन
मंगल16:5917:52दिन
सूर्य17:5218:59रात
शुक्र18:5920:05रात
बुध20:0521:11रात
चंद्र21:1122:17रात
शनि22:1723:23रात
गुरु23:2300:30रात
मंगल00:3001:36रात
सूर्य01:3602:42रात
शुक्र02:4203:48रात
बुध03:4804:54रात
चंद्र04:5406:01रात
शनि06:0107:07रात

अयनांश 24.2633° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।