4 फ़रवरी 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 4 फ़रवरी 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 फ़रवरी 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (18:23 तक), नक्षत्र चित्रा (23:19 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 16:35 से 17:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 17:56
रात 07:04 तक
तिथि
षष्ठी, 18:23 तक
सप्तमी
नक्षत्र
चित्रा, 23:19 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:05 – 08:26टालें
चर08:26 – 09:48सामान्य
लाभ09:48 – 11:09शुभ
अमृत11:09 – 12:30शुभ
काल12:30 – 13:52टालें
शुभ13:52 – 15:13शुभ
रोग15:13 – 16:35टालें
उद्वेग16:35 – 17:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:56 – 19:34शुभ
अमृत19:34 – 21:13शुभ
चर21:13 – 22:52सामान्य
रोग22:52 – 00:30टालें
काल00:30 – 02:09टालें
लाभ02:09 – 03:47शुभ
उद्वेग03:47 – 05:26टालें
शुभ05:26 – 07:04शुभ

4 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 18:23 तक
कृष्ण सप्तमी 16:15, 5 फ़र॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 23:19 तक
स्वाति 22:00, 5 फ़र॰ तक
योग
शूलअशुभ 01:31, 5 फ़र॰ तक
गंडअशुभ 22:42, 5 फ़र॰ तक
करण
गर 07:36 तक
वणिज 18:23 तक
विष्टि (भद्रा) 05:16, 5 फ़र॰ तक
बव 16:15, 5 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 12:09 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
23:45
चंद्रास्त
10:02
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
16:35 – 17:56
यमगंड
12:30 – 13:52
गुलिक काल
15:13 – 16:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0507:59दिन
शुक्र07:5908:53दिन
बुध08:5309:48दिन
चंद्र09:4810:42दिन
शनि10:4211:36दिन
गुरु11:3612:30दिन
मंगल12:3013:25दिन
सूर्य13:2514:19दिन
शुक्र14:1915:13दिन
बुध15:1316:07दिन
चंद्र16:0717:02दिन
शनि17:0217:56दिन
गुरु17:5619:02रात
मंगल19:0220:07रात
सूर्य20:0721:13रात
शुक्र21:1322:19रात
बुध22:1923:24रात
चंद्र23:2400:30रात
शनि00:3001:36रात
गुरु01:3602:41रात
मंगल02:4103:47रात
सूर्य03:4704:53रात
शुक्र04:5305:59रात
बुध05:5907:04रात

अयनांश 24.2635° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।