27 मार्च 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 27 मार्च 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 मार्च 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (18:53 तक), नक्षत्र आश्लेषा (07:34 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 15:27 से 16:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:32
रात 06:11 तक
तिथि
द्वादशी, 18:53 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा, 05:19 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:12 – 07:44टालें
उद्वेग07:44 – 09:17टालें
चर09:17 – 10:49सामान्य
लाभ10:49 – 12:22शुभ
अमृत12:22 – 13:54शुभ
काल13:54 – 15:27टालें
शुभ15:27 – 16:59शुभ
रोग16:59 – 18:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:32 – 19:59टालें
लाभ19:59 – 21:27शुभ
उद्वेग21:27 – 22:54टालें
शुभ22:54 – 00:21शुभ
अमृत00:21 – 01:49शुभ
चर01:49 – 03:16सामान्य
रोग03:16 – 04:43टालें
काल04:43 – 06:11टालें

27 मार्च 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 18:53 तक
शुक्ल त्रयोदशी 15:35, 28 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 05:19, 28 मार्च तक
पूर्वा फाल्गुनी 02:33, 29 मार्च तक
योग
धृति 14:06 तक
शूलअशुभ 10:21, 28 मार्च तक
करण
बव 08:19 तक
बालव 18:53 तक
कौलव 05:17, 28 मार्च तक
तैतिल 15:35, 28 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 07:34 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
15:37
चंद्रास्त
03:56
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:27 – 16:59
यमगंड
09:17 – 10:49
गुलिक काल
12:22 – 13:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1207:13दिन
सूर्य07:1308:15दिन
शुक्र08:1509:17दिन
बुध09:1710:19दिन
चंद्र10:1911:20दिन
शनि11:2012:22दिन
गुरु12:2213:24दिन
मंगल13:2414:25दिन
सूर्य14:2515:27दिन
शुक्र15:2716:29दिन
बुध16:2917:30दिन
चंद्र17:3018:32दिन
शनि18:3219:30रात
गुरु19:3020:28रात
मंगल20:2821:27रात
सूर्य21:2722:25रात
शुक्र22:2523:23रात
बुध23:2300:21रात
चंद्र00:2101:19रात
शनि01:1902:18रात
गुरु02:1803:16रात
मंगल03:1604:14रात
सूर्य04:1405:12रात
शुक्र05:1206:11रात

अयनांश 24.2654° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।