2 अप्रैल 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 2 अप्रैल 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 अप्रैल 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (17:49 तक), नक्षत्र विशाखा (12:08 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 07:38 से 09:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:36
रात 06:03 तक
तिथि
चतुर्थी, 17:49 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 12:08 तक
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:05 – 07:38शुभ
काल07:38 – 09:12टालें
शुभ09:12 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:54टालें
चर13:54 – 15:28सामान्य
लाभ15:28 – 17:02शुभ
अमृत17:02 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:36 – 20:02सामान्य
रोग20:02 – 21:28टालें
काल21:28 – 22:54टालें
लाभ22:54 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:45टालें
शुभ01:45 – 03:11शुभ
अमृत03:11 – 04:37शुभ
चर04:37 – 06:03सामान्य

2 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 17:49 तक
कृष्ण पंचमी 15:34, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 12:08 तक
अनुराधा 10:27, 3 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 09:15 तक
सिद्धि 06:02, 3 अप्रैल तक
व्यतीपातअशुभ 03:24, 4 अप्रैल तक
करण
बव 07:12 तक
बालव 17:49 तक
कौलव 04:36, 3 अप्रैल तक
तैतिल 15:34, 3 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 06:39 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
22:36
चंद्रास्त
08:05
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
07:38 – 09:12
यमगंड
10:46 – 12:20
गुलिक काल
13:54 – 15:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0507:07दिन
शनि07:0708:10दिन
गुरु08:1009:12दिन
मंगल09:1210:15दिन
सूर्य10:1511:17दिन
शुक्र11:1712:20दिन
बुध12:2013:23दिन
चंद्र13:2314:25दिन
शनि14:2515:28दिन
गुरु15:2816:30दिन
मंगल16:3017:33दिन
सूर्य17:3318:36दिन
शुक्र18:3619:33रात
बुध19:3320:30रात
चंद्र20:3021:28रात
शनि21:2822:25रात
गुरु22:2523:22रात
मंगल23:2200:19रात
सूर्य00:1901:17रात
शुक्र01:1702:14रात
बुध02:1403:11रात
चंद्र03:1104:09रात
शनि04:0905:06रात
गुरु05:0606:03रात

अयनांश 24.2657° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।