30 अप्रैल 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 30 अप्रैल 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 अप्रैल 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (09:12 तक), नक्षत्र अनुराधा (20:26 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 07:14 से 08:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 18:53
रात 05:33 तक
तिथि
द्वितीया, 09:12 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 20:26 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:34 – 07:14शुभ
काल07:14 – 08:54टालें
शुभ08:54 – 10:34शुभ
रोग10:34 – 12:14टालें
उद्वेग12:14 – 13:54टालें
चर13:54 – 15:33सामान्य
लाभ15:33 – 17:13शुभ
अमृत17:13 – 18:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:53 – 20:13सामान्य
रोग20:13 – 21:33टालें
काल21:33 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:13शुभ
उद्वेग00:13 – 01:33टालें
शुभ01:33 – 02:53शुभ
अमृत02:53 – 04:13शुभ
चर04:13 – 05:33सामान्य

30 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 09:12 तक
कृष्ण तृतीया 06:27, 1 मई तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 18:48, 1 मई तक
योग
वरीयान 15:53 तक
परिघअशुभ 12:42, 1 मई तक
करण
गर 09:12 तक
वणिज 19:45 तक
विष्टि (भद्रा) 06:27, 1 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
21:21
चंद्रास्त
06:44
दिनमान
13h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
07:14 – 08:54
यमगंड
10:34 – 12:14
गुलिक काल
13:54 – 15:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3406:41दिन
शनि06:4107:47दिन
गुरु07:4708:54दिन
मंगल08:5410:01दिन
सूर्य10:0111:07दिन
शुक्र11:0712:14दिन
बुध12:1413:20दिन
चंद्र13:2014:27दिन
शनि14:2715:33दिन
गुरु15:3316:40दिन
मंगल16:4017:47दिन
सूर्य17:4718:53दिन
शुक्र18:5319:47रात
बुध19:4720:40रात
चंद्र20:4021:33रात
शनि21:3322:27रात
गुरु22:2723:20रात
मंगल23:2000:13रात
सूर्य00:1301:07रात
शुक्र01:0702:00रात
बुध02:0002:53रात
चंद्र02:5303:47रात
शनि03:4704:40रात
गुरु04:4005:33रात

अयनांश 24.2667° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।