17 नवंबर 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शनिवार, 17 नवंबर 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 नवंबर 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (01:54, 18 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (08:04 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 17:19 पर है। राहुकाल 09:22 से 10:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 17:19
रात 06:44 तक
तिथि
द्वादशी, 01:54 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:43 – 08:03टालें
शुभ08:03 – 09:22शुभ
रोग09:22 – 10:42टालें
उद्वेग10:42 – 12:01टालें
चर12:01 – 13:21सामान्य
लाभ13:21 – 14:40शुभ
अमृत14:40 – 16:00शुभ
काल16:00 – 17:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:19 – 19:00शुभ
उद्वेग19:00 – 20:40टालें
शुभ20:40 – 22:21शुभ
अमृत22:21 – 00:02शुभ
चर00:02 – 01:42सामान्य
रोग01:42 – 03:23टालें
काल03:23 – 05:03टालें
लाभ05:03 – 06:44शुभ

17 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 01:54, 18 नव॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 04:27, 19 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 11:00, 18 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 12:52 तक
सिद्धि 13:42, 18 नव॰ तक
करण
बव 12:40 तक
बालव 01:54, 18 नव॰ तक
कौलव 15:10, 18 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
17:19
चंद्रोदय
14:51
चंद्रास्त
03:13
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
09:22 – 10:42
यमगंड
13:21 – 14:40
गुलिक काल
06:43 – 08:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4307:36दिन
गुरु07:3608:29दिन
मंगल08:2909:22दिन
सूर्य09:2210:15दिन
शुक्र10:1511:08दिन
बुध11:0812:01दिन
चंद्र12:0112:54दिन
शनि12:5413:47दिन
गुरु13:4714:40दिन
मंगल14:4015:33दिन
सूर्य15:3316:26दिन
शुक्र16:2617:19दिन
बुध17:1918:26रात
चंद्र18:2619:33रात
शनि19:3320:40रात
गुरु20:4021:47रात
मंगल21:4722:54रात
सूर्य22:5400:02रात
शुक्र00:0201:09रात
बुध01:0902:16रात
चंद्र02:1603:23रात
शनि03:2304:30रात
गुरु04:3005:37रात
मंगल05:3706:44रात

अयनांश 24.2744° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।