18 नवंबर 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 18 नवंबर 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 नवंबर 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (04:27, 19 नव॰ तक), नक्षत्र रेवती (11:00 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 17:19 पर है। राहुकाल 15:59 से 17:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 17:19
रात 06:45 तक
तिथि
त्रयोदशी, 04:27 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रेवती, 11:00 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:44 – 08:03टालें
चर08:03 – 09:23सामान्य
लाभ09:23 – 10:42शुभ
अमृत10:42 – 12:01शुभ
काल12:01 – 13:21टालें
शुभ13:21 – 14:40शुभ
रोग14:40 – 15:59टालें
उद्वेग15:59 – 17:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:19 – 18:59शुभ
अमृत18:59 – 20:40शुभ
चर20:40 – 22:21सामान्य
रोग22:21 – 00:02टालें
काल00:02 – 01:43टालें
लाभ01:43 – 03:23शुभ
उद्वेग03:23 – 05:04टालें
शुभ05:04 – 06:45शुभ

18 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 04:27, 19 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 07:02, 20 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 11:00 तक
अश्विनी 14:01, 19 नव॰ तक
योग
सिद्धि 13:42 तक
व्यतीपातअशुभ 14:37, 19 नव॰ तक
करण
कौलव 15:10 तक
तैतिल 04:27, 19 नव॰ तक
गर 17:45, 19 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 11:00 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
17:19
चंद्रोदय
15:23
चंद्रास्त
04:06
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
15:59 – 17:19
यमगंड
12:01 – 13:21
गुलिक काल
14:40 – 15:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4407:37दिन
शुक्र07:3708:30दिन
बुध08:3009:23दिन
चंद्र09:2310:16दिन
शनि10:1611:08दिन
गुरु11:0812:01दिन
मंगल12:0112:54दिन
सूर्य12:5413:47दिन
शुक्र13:4714:40दिन
बुध14:4015:33दिन
चंद्र15:3316:26दिन
शनि16:2617:19दिन
गुरु17:1918:26रात
मंगल18:2619:33रात
सूर्य19:3320:40रात
शुक्र20:4021:47रात
बुध21:4722:55रात
चंद्र22:5500:02रात
शनि00:0201:09रात
गुरु01:0902:16रात
मंगल02:1603:23रात
सूर्य03:2304:30रात
शुक्र04:3005:38रात
बुध05:3806:45रात

अयनांश 24.2745° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।