26 मार्च 2025 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 26 मार्च 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 26 मार्च 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:13 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (23:59 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 11:58 से 13:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 18:06
रात 05:49 तक
तिथि
द्वादशी, 23:13 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 23:59 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:50 – 07:22शुभ
अमृत07:22 – 08:54शुभ
काल08:54 – 10:26टालें
शुभ10:26 – 11:58शुभ
रोग11:58 – 13:30टालें
उद्वेग13:30 – 15:02टालें
चर15:02 – 16:34सामान्य
लाभ16:34 – 18:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:06 – 19:34टालें
शुभ19:34 – 21:02शुभ
अमृत21:02 – 22:30शुभ
चर22:30 – 23:58सामान्य
रोग23:58 – 01:26टालें
काल01:26 – 02:54टालें
लाभ02:54 – 04:22शुभ
उद्वेग04:22 – 05:49टालें

26 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:13 तक
कृष्ण त्रयोदशी 20:33, 27 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 22:03, 27 मार्च तक
योग
सिद्ध 09:55 तक
साध्य 06:54, 27 मार्च तक
करण
कौलव 12:19 तक
तैतिल 23:13 तक
गर 09:57, 27 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 12:44 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
03:43
चंद्रास्त
15:01
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:23 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:58 – 13:30
यमगंड
07:22 – 08:54
गुलिक काल
10:26 – 11:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5006:52दिन
चंद्र06:5207:53दिन
शनि07:5308:54दिन
गुरु08:5409:56दिन
मंगल09:5610:57दिन
सूर्य10:5711:58दिन
शुक्र11:5813:00दिन
बुध13:0014:01दिन
चंद्र14:0115:02दिन
शनि15:0216:04दिन
गुरु16:0417:05दिन
मंगल17:0518:06दिन
सूर्य18:0619:05रात
शुक्र19:0520:04रात
बुध20:0421:02रात
चंद्र21:0222:01रात
शनि22:0122:59रात
गुरु22:5923:58रात
मंगल23:5800:56रात
सूर्य00:5601:55रात
शुक्र01:5502:54रात
बुध02:5403:52रात
चंद्र03:5204:51रात
शनि04:5105:49रात

अयनांश 24.2095° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।