12 अप्रैल 2025 को रियाद का चौघड़िया

शनिवार, 12 अप्रैल 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शनिवार, 12 अप्रैल 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (03:22, 13 अप्रैल तक), नक्षत्र हस्त (15:37 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 08:44 से 10:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 18:14
रात 05:33 तक
तिथि
पूर्णिमा, 03:22 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
हस्त, 15:37 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:34 – 07:09टालें
शुभ07:09 – 08:44शुभ
रोग08:44 – 10:19टालें
उद्वेग10:19 – 11:54टालें
चर11:54 – 13:29सामान्य
लाभ13:29 – 15:04शुभ
अमृत15:04 – 16:39शुभ
काल16:39 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:14 – 19:38शुभ
उद्वेग19:38 – 21:03टालें
शुभ21:03 – 22:28शुभ
अमृत22:28 – 23:53शुभ
चर23:53 – 01:18सामान्य
रोग01:18 – 02:43टालें
काल02:43 – 04:08टालें
लाभ04:08 – 05:33शुभ

12 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 03:22, 13 अप्रैल तक
कृष्ण प्रतिपदा 05:55, 14 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 15:37 तक
चित्रा 18:40, 13 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 18:10 तक
हर्षण 19:09, 13 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:06 तक
बव 03:22, 13 अप्रैल तक
बालव 16:38, 13 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कन्या 05:09, 13 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
17:51
चंद्रास्त
05:02
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
08:44 – 10:19
यमगंड
13:29 – 15:04
गुलिक काल
05:34 – 07:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3406:37दिन
गुरु06:3707:40दिन
मंगल07:4008:44दिन
सूर्य08:4409:47दिन
शुक्र09:4710:50दिन
बुध10:5011:54दिन
चंद्र11:5412:57दिन
शनि12:5714:00दिन
गुरु14:0015:04दिन
मंगल15:0416:07दिन
सूर्य16:0717:10दिन
शुक्र17:1018:14दिन
बुध18:1419:10रात
चंद्र19:1020:07रात
शनि20:0721:03रात
गुरु21:0322:00रात
मंगल22:0022:56रात
सूर्य22:5623:53रात
शुक्र23:5300:50रात
बुध00:5001:46रात
चंद्र01:4602:43रात
शनि02:4303:39रात
गुरु03:3904:36रात
मंगल04:3605:33रात

अयनांश 24.2102° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।