17 सितंबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 17 सितंबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 17 सितंबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (21:10 तक), नक्षत्र पुष्य (04:02, 18 सित॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 11:47 से 13:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:54
रात 05:40 तक
तिथि
एकादशी, 21:10 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 04:02 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:39 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:43शुभ
काल08:43 – 10:15टालें
शुभ10:15 – 11:47शुभ
रोग11:47 – 13:19टालें
उद्वेग13:19 – 14:51टालें
चर14:51 – 16:22सामान्य
लाभ16:22 – 17:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:54 – 19:22टालें
शुभ19:22 – 20:51शुभ
अमृत20:51 – 22:19शुभ
चर22:19 – 23:47सामान्य
रोग23:47 – 01:15टालें
काल01:15 – 02:43टालें
लाभ02:43 – 04:12शुभ
उद्वेग04:12 – 05:40टालें

17 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 21:10 तक
कृष्ण द्वादशी 20:55, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 04:02, 18 सित॰ तक
आश्लेषा 04:35, 19 सित॰ तक
योग
परिघअशुभ 20:25 तक
शिव 19:07, 18 सित॰ तक
करण
बव 09:27 तक
बालव 21:10 तक
कौलव 08:59, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
01:15
चंद्रास्त
15:19
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:11 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:47 – 13:19
यमगंड
07:11 – 08:43
गुलिक काल
10:15 – 11:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3906:41दिन
चंद्र06:4107:42दिन
शनि07:4208:43दिन
गुरु08:4309:44दिन
मंगल09:4410:46दिन
सूर्य10:4611:47दिन
शुक्र11:4712:48दिन
बुध12:4813:49दिन
चंद्र13:4914:51दिन
शनि14:5115:52दिन
गुरु15:5216:53दिन
मंगल16:5317:54दिन
सूर्य17:5418:53रात
शुक्र18:5319:52रात
बुध19:5220:51रात
चंद्र20:5121:49रात
शनि21:4922:48रात
गुरु22:4823:47रात
मंगल23:4700:46रात
सूर्य00:4601:45रात
शुक्र01:4502:43रात
बुध02:4303:42रात
चंद्र03:4204:41रात
शनि04:4105:40रात

अयनांश 24.2162° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।