23 सितंबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

मंगलवार, 23 सितंबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (02:22, 24 सित॰ तक), नक्षत्र हस्त (11:10 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 14:46 से 16:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 17:48
रात 05:42 तक
तिथि
द्वितीया, 02:22 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त, 11:10 तक
चित्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:42 – 07:12टालें
उद्वेग07:12 – 08:43टालें
चर08:43 – 10:14सामान्य
लाभ10:14 – 11:45शुभ
अमृत11:45 – 13:16शुभ
काल13:16 – 14:46टालें
शुभ14:46 – 16:17शुभ
रोग16:17 – 17:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:48 – 19:17टालें
लाभ19:17 – 20:46शुभ
उद्वेग20:46 – 22:16टालें
शुभ22:16 – 23:45शुभ
अमृत23:45 – 01:14शुभ
चर01:14 – 02:43सामान्य
रोग02:43 – 04:13टालें
काल04:13 – 05:42टालें

23 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 02:22, 24 सित॰ तक
शुक्ल तृतीया 04:36, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 11:10 तक
चित्रा 13:46, 24 सित॰ तक
योग
ब्रह्म 17:53 तक
इंद्र 18:32, 24 सित॰ तक
करण
बालव 13:21 तक
कौलव 02:22, 24 सित॰ तक
तैतिल 15:27, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 00:26, 24 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
06:52
चंद्रास्त
18:35
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:21 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
14:46 – 16:17
यमगंड
08:43 – 10:14
गुलिक काल
11:45 – 13:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4206:42दिन
सूर्य06:4207:43दिन
शुक्र07:4308:43दिन
बुध08:4309:44दिन
चंद्र09:4410:44दिन
शनि10:4411:45दिन
गुरु11:4512:45दिन
मंगल12:4513:46दिन
सूर्य13:4614:46दिन
शुक्र14:4615:47दिन
बुध15:4716:47दिन
चंद्र16:4717:48दिन
शनि17:4818:47रात
गुरु18:4719:47रात
मंगल19:4720:46रात
सूर्य20:4621:46रात
शुक्र21:4622:45रात
बुध22:4523:45रात
चंद्र23:4500:44रात
शनि00:4401:44रात
गुरु01:4402:43रात
मंगल02:4303:43रात
सूर्य03:4304:42रात
शुक्र04:4205:42रात

अयनांश 24.2164° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।