12 नवंबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 12 नवंबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 12 नवंबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (20:28 तक), नक्षत्र आश्लेषा (16:05 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 11:37 से 12:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 17:07
रात 06:07 तक
तिथि
अष्टमी, 20:28 तक
नवमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 16:05 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:07 – 07:29शुभ
अमृत07:29 – 08:52शुभ
काल08:52 – 10:14टालें
शुभ10:14 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 12:59टालें
उद्वेग12:59 – 14:22टालें
चर14:22 – 15:44सामान्य
लाभ15:44 – 17:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:07 – 18:44टालें
शुभ18:44 – 20:22शुभ
अमृत20:22 – 21:59शुभ
चर21:59 – 23:37सामान्य
रोग23:37 – 01:15टालें
काल01:15 – 02:52टालें
लाभ02:52 – 04:30शुभ
उद्वेग04:30 – 06:07टालें

12 नवंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 20:28 तक
कृष्ण नवमी 21:04, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 17:08, 13 नव॰ तक
योग
ब्रह्म 04:27, 13 नव॰ तक
इंद्र 03:57, 14 नव॰ तक
करण
बालव 08:28 तक
कौलव 20:28 तक
तैतिल 08:41, 13 नव॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 16:05 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:37
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:59 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 12:59
यमगंड
07:29 – 08:52
गुलिक काल
10:14 – 11:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0707:02दिन
चंद्र07:0207:57दिन
शनि07:5708:52दिन
गुरु08:5209:47दिन
मंगल09:4710:42दिन
सूर्य10:4211:37दिन
शुक्र11:3712:32दिन
बुध12:3213:27दिन
चंद्र13:2714:22दिन
शनि14:2215:17दिन
गुरु15:1716:12दिन
मंगल16:1217:07दिन
सूर्य17:0718:12रात
शुक्र18:1219:17रात
बुध19:1720:22रात
चंद्र20:2221:27रात
शनि21:2722:32रात
गुरु22:3223:37रात
मंगल23:3700:42रात
सूर्य00:4201:47रात
शुक्र01:4702:52रात
बुध02:5203:57रात
चंद्र03:5705:02रात
शनि05:0206:07रात

अयनांश 24.2184° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।