1 अक्टूबर 2026 को रियाद का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (10:05 तक), नक्षत्र रोहिणी (01:57, 2 अक्टू॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 13:12 से 14:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 17:40
रात 05:45 तक
तिथि
पंचमी, 10:05 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी, 01:57 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:14शुभ
रोग07:14 – 08:43टालें
उद्वेग08:43 – 10:13टालें
चर10:13 – 11:42सामान्य
लाभ11:42 – 13:12शुभ
अमृत13:12 – 14:41शुभ
काल14:41 – 16:10टालें
शुभ16:10 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:40 – 19:10शुभ
चर19:10 – 20:41सामान्य
रोग20:41 – 22:12टालें
काल22:12 – 23:42टालें
लाभ23:42 – 01:13शुभ
उद्वेग01:13 – 02:44टालें
शुभ02:44 – 04:14शुभ
अमृत04:14 – 05:45शुभ

1 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 10:05 तक
कृष्ण षष्ठी 07:45, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 01:57, 2 अक्टू॰ तक
मृगशिरा 00:25, 3 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 18:48 तक
व्यतीपातअशुभ 15:47, 2 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 10:05 तक
गर 20:55 तक
वणिज 07:45, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
21:07
चंद्रास्त
10:28
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
13:12 – 14:41
यमगंड
05:45 – 07:14
गुलिक काल
08:43 – 10:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:44दिन
मंगल06:4407:44दिन
सूर्य07:4408:43दिन
शुक्र08:4309:43दिन
बुध09:4310:43दिन
चंद्र10:4311:42दिन
शनि11:4212:42दिन
गुरु12:4213:41दिन
मंगल13:4114:41दिन
सूर्य14:4115:41दिन
शुक्र15:4116:40दिन
बुध16:4017:40दिन
चंद्र17:4018:40रात
शनि18:4019:41रात
गुरु19:4120:41रात
मंगल20:4121:41रात
सूर्य21:4122:42रात
शुक्र22:4223:42रात
बुध23:4200:43रात
चंद्र00:4301:43रात
शनि01:4302:44रात
गुरु02:4403:44रात
मंगल03:4404:44रात
सूर्य04:4405:45रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।