11 अक्टूबर 2026 को रियाद का चौघड़िया

रविवार, 11 अक्टूबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (19:01 तक), नक्षत्र चित्रा (20:02 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 16:02 से 17:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 17:30
रात 05:49 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:01 तक
द्वितीया
नक्षत्र
चित्रा, 20:02 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:49 – 07:16टालें
चर07:16 – 08:44सामान्य
लाभ08:44 – 10:12शुभ
अमृत10:12 – 11:39शुभ
काल11:39 – 13:07टालें
शुभ13:07 – 14:34शुभ
रोग14:34 – 16:02टालें
उद्वेग16:02 – 17:30टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:30 – 19:02शुभ
अमृत19:02 – 20:35शुभ
चर20:35 – 22:07सामान्य
रोग22:07 – 23:39टालें
काल23:39 – 01:12टालें
लाभ01:12 – 02:44शुभ
उद्वेग02:44 – 04:17टालें
शुभ04:17 – 05:49शुभ

11 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 19:01 तक
शुक्ल द्वितीया 19:43, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 20:02 तक
स्वाति 21:22, 12 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:35 तक
विष्कंभअशुभ 18:02, 12 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 06:52 तक
बव 19:01 तक
बालव 07:18, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 07:34 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
06:20
चंद्रास्त
17:46
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 12:03

अशुभ समय

राहुकाल
16:02 – 17:30
यमगंड
11:39 – 13:07
गुलिक काल
14:34 – 16:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4906:47दिन
शुक्र06:4707:46दिन
बुध07:4608:44दिन
चंद्र08:4409:42दिन
शनि09:4210:41दिन
गुरु10:4111:39दिन
मंगल11:3912:38दिन
सूर्य12:3813:36दिन
शुक्र13:3614:34दिन
बुध14:3415:33दिन
चंद्र15:3316:31दिन
शनि16:3117:30दिन
गुरु17:3018:31रात
मंगल18:3119:33रात
सूर्य19:3320:35रात
शुक्र20:3521:36रात
बुध21:3622:38रात
चंद्र22:3823:39रात
शनि23:3900:41रात
गुरु00:4101:43रात
मंगल01:4302:44रात
सूर्य02:4403:46रात
शुक्र03:4604:48रात
बुध04:4805:49रात

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।