28 अक्टूबर 2026 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (22:37 तक), नक्षत्र कृत्तिका (10:56 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 11:36 से 13:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:15
रात 05:58 तक
तिथि
तृतीया, 22:37 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
कृत्तिका, 10:56 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:57 – 07:22शुभ
अमृत07:22 – 08:47शुभ
काल08:47 – 10:11टालें
शुभ10:11 – 11:36शुभ
रोग11:36 – 13:01टालें
उद्वेग13:01 – 14:26टालें
चर14:26 – 15:51सामान्य
लाभ15:51 – 17:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:15 – 18:51टालें
शुभ18:51 – 20:26शुभ
अमृत20:26 – 22:01शुभ
चर22:01 – 23:37सामान्य
रोग23:37 – 01:12टालें
काल01:12 – 02:47टालें
लाभ02:47 – 04:22शुभ
उद्वेग04:22 – 05:58टालें

28 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 22:37 तक
कृष्ण चतुर्थी 19:40, 29 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:41, 29 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 01:10, 29 अक्टू॰ तक
परिघअशुभ 21:36, 29 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 12:07 तक
विष्टि (भद्रा) 22:37 तक
बव 09:07, 29 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
18:58
चंद्रास्त
08:14
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 11:59 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:36 – 13:01
यमगंड
07:22 – 08:47
गुलिक काल
10:11 – 11:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5706:54दिन
चंद्र06:5407:50दिन
शनि07:5008:47दिन
गुरु08:4709:43दिन
मंगल09:4310:40दिन
सूर्य10:4011:36दिन
शुक्र11:3612:33दिन
बुध12:3313:29दिन
चंद्र13:2914:26दिन
शनि14:2615:22दिन
गुरु15:2216:19दिन
मंगल16:1917:15दिन
सूर्य17:1518:19रात
शुक्र18:1919:22रात
बुध19:2220:26रात
चंद्र20:2621:29रात
शनि21:2922:33रात
गुरु22:3323:37रात
मंगल23:3700:40रात
सूर्य00:4001:44रात
शुक्र01:4402:47रात
बुध02:4703:51रात
चंद्र03:5104:54रात
शनि04:5405:58रात

अयनांश 24.2317° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।