27 अक्टूबर 2026 को रियाद का चौघड़िया

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (01:37, 28 अक्टू॰ तक), नक्षत्र भरणी (13:09 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 14:26 से 15:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:16
रात 05:57 तक
तिथि
द्वितीया, 01:37 तक
तृतीया
नक्षत्र
भरणी, 13:09 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:57 – 07:22टालें
उद्वेग07:22 – 08:46टालें
चर08:46 – 10:11सामान्य
लाभ10:11 – 11:36शुभ
अमृत11:36 – 13:01शुभ
काल13:01 – 14:26टालें
शुभ14:26 – 15:51शुभ
रोग15:51 – 17:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:16 – 18:51टालें
लाभ18:51 – 20:26शुभ
उद्वेग20:26 – 22:01टालें
शुभ22:01 – 23:37शुभ
अमृत23:37 – 01:12शुभ
चर01:12 – 02:47सामान्य
रोग02:47 – 04:22टालें
काल04:22 – 05:57टालें

27 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 01:37, 28 अक्टू॰ तक
कृष्ण तृतीया 22:37, 28 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 13:09 तक
कृत्तिका 10:56, 28 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 08:23 तक
व्यतीपातअशुभ 04:48, 28 अक्टू॰ तक
वरीयान 01:10, 29 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 15:05 तक
गर 01:37, 28 अक्टू॰ तक
वणिज 12:07, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 18:36 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
18:04
चंद्रास्त
07:05
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
14:26 – 15:51
यमगंड
08:46 – 10:11
गुलिक काल
11:36 – 13:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5706:53दिन
सूर्य06:5307:50दिन
शुक्र07:5008:46दिन
बुध08:4609:43दिन
चंद्र09:4310:40दिन
शनि10:4011:36दिन
गुरु11:3612:33दिन
मंगल12:3313:30दिन
सूर्य13:3014:26दिन
शुक्र14:2615:23दिन
बुध15:2316:19दिन
चंद्र16:1917:16दिन
शनि17:1618:19रात
गुरु18:1919:23रात
मंगल19:2320:26रात
सूर्य20:2621:30रात
शुक्र21:3022:33रात
बुध22:3323:37रात
चंद्र23:3700:40रात
शनि00:4001:43रात
गुरु01:4302:47रात
मंगल02:4703:50रात
सूर्य03:5004:54रात
शुक्र04:5405:57रात

अयनांश 24.2317° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।