31 दिसंबर 2026 को रियाद का चौघड़िया

गुरुवार, 31 दिसंबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

गुरुवार, 31 दिसंबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (10:02 तक), नक्षत्र हस्त (13:43 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 13:15 से 14:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:15
रात 06:37 तक
तिथि
अष्टमी, 10:02 तक
नवमी
नक्षत्र
हस्त, 13:43 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:37 – 07:56शुभ
रोग07:56 – 09:16टालें
उद्वेग09:16 – 10:36टालें
चर10:36 – 11:56सामान्य
लाभ11:56 – 13:15शुभ
अमृत13:15 – 14:35शुभ
काल14:35 – 15:55टालें
शुभ15:55 – 17:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:15 – 18:55शुभ
चर18:55 – 20:35सामान्य
रोग20:35 – 22:15टालें
काल22:15 – 23:56टालें
लाभ23:56 – 01:36शुभ
उद्वेग01:36 – 03:16टालें
शुभ03:16 – 04:57शुभ
अमृत04:57 – 06:37शुभ

31 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 10:02 तक
कृष्ण नवमी 10:40, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 13:43 तक
चित्रा 14:59, 1 जन॰ तक
योग
शोभन 09:56 तक
अतिगंडअशुभ 09:13, 1 जन॰ तक
करण
कौलव 10:02 तक
तैतिल 22:16 तक
गर 10:40, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 02:17, 1 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
00:01
चंद्रास्त
11:48
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
13:15 – 14:35
यमगंड
06:37 – 07:56
गुलिक काल
09:16 – 10:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3707:30दिन
मंगल07:3008:23दिन
सूर्य08:2309:16दिन
शुक्र09:1610:09दिन
बुध10:0911:02दिन
चंद्र11:0211:56दिन
शनि11:5612:49दिन
गुरु12:4913:42दिन
मंगल13:4214:35दिन
सूर्य14:3515:28दिन
शुक्र15:2816:21दिन
बुध16:2117:15दिन
चंद्र17:1518:21रात
शनि18:2119:28रात
गुरु19:2820:35रात
मंगल20:3521:42रात
सूर्य21:4222:49रात
शुक्र22:4923:56रात
बुध23:5601:03रात
चंद्र01:0302:09रात
शनि02:0903:16रात
गुरु03:1604:23रात
मंगल04:2305:30रात
सूर्य05:3006:37रात

अयनांश 24.2342° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।