1 अक्टूबर 2027 को रियाद का चौघड़िया

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (01:03, 2 अक्टू॰ तक), नक्षत्र चित्रा (22:19 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 10:13 से 11:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:40
रात 05:45 तक
तिथि
द्वितीया, 01:03 तक
तृतीया
नक्षत्र
चित्रा, 22:19 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:44 – 07:14सामान्य
लाभ07:14 – 08:43शुभ
अमृत08:43 – 10:13शुभ
काल10:13 – 11:42टालें
शुभ11:42 – 13:12शुभ
रोग13:12 – 14:41टालें
उद्वेग14:41 – 16:11टालें
चर16:11 – 17:40सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:40 – 19:11टालें
काल19:11 – 20:41टालें
लाभ20:41 – 22:12शुभ
उद्वेग22:12 – 23:42टालें
शुभ23:42 – 01:13शुभ
अमृत01:13 – 02:44शुभ
चर02:44 – 04:14सामान्य
रोग04:14 – 05:45टालें

1 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 01:03, 2 अक्टू॰ तक
शुक्ल तृतीया 23:39, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 22:19 तक
स्वाति 21:33, 2 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 15:41 तक
वैधृतिअशुभ 13:11, 2 अक्टू॰ तक
करण
बालव 14:00 तक
कौलव 01:03, 2 अक्टू॰ तक
तैतिल 12:16, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 10:56 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
06:52
चंद्रास्त
18:21
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
10:13 – 11:42
यमगंड
14:41 – 16:11
गुलिक काल
07:14 – 08:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4406:44दिन
बुध06:4407:44दिन
चंद्र07:4408:43दिन
शनि08:4309:43दिन
गुरु09:4310:43दिन
मंगल10:4311:42दिन
सूर्य11:4212:42दिन
शुक्र12:4213:41दिन
बुध13:4114:41दिन
चंद्र14:4115:41दिन
शनि15:4116:40दिन
गुरु16:4017:40दिन
मंगल17:4018:40रात
सूर्य18:4019:41रात
शुक्र19:4120:41रात
बुध20:4121:42रात
चंद्र21:4222:42रात
शनि22:4223:42रात
गुरु23:4200:43रात
मंगल00:4301:43रात
सूर्य01:4302:44रात
शुक्र02:4403:44रात
बुध03:4404:44रात
चंद्र04:4405:45रात

अयनांश 24.2447° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।