20 अक्टूबर 2027 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 20 अक्टूबर 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 20 अक्टूबर 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (12:48 तक), नक्षत्र मृगशिरा (20:00 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 11:37 से 13:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 17:22
रात 05:53 तक
तिथि
पंचमी, 12:48 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मृगशिरा, 20:00 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:53 – 07:19शुभ
अमृत07:19 – 08:45शुभ
काल08:45 – 10:11टालें
शुभ10:11 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 13:03टालें
उद्वेग13:03 – 14:30टालें
चर14:30 – 15:56सामान्य
लाभ15:56 – 17:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:22 – 18:56टालें
शुभ18:56 – 20:30शुभ
अमृत20:30 – 22:04शुभ
चर22:04 – 23:38सामान्य
रोग23:38 – 01:11टालें
काल01:11 – 02:45टालें
लाभ02:45 – 04:19शुभ
उद्वेग04:19 – 05:53टालें

20 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 12:48 तक
कृष्ण षष्ठी 11:13, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 19:02, 21 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 02:12, 21 अक्टू॰ तक
शिव 23:40, 21 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:48 तक
गर 00:02, 21 अक्टू॰ तक
वणिज 11:13, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 08:24 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
21:12
चंद्रास्त
10:31
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:00 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 13:03
यमगंड
07:19 – 08:45
गुलिक काल
10:11 – 11:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5306:50दिन
चंद्र06:5007:48दिन
शनि07:4808:45दिन
गुरु08:4509:42दिन
मंगल09:4210:40दिन
सूर्य10:4011:37दिन
शुक्र11:3712:35दिन
बुध12:3513:32दिन
चंद्र13:3214:30दिन
शनि14:3015:27दिन
गुरु15:2716:24दिन
मंगल16:2417:22दिन
सूर्य17:2218:24रात
शुक्र18:2419:27रात
बुध19:2720:30रात
चंद्र20:3021:32रात
शनि21:3222:35रात
गुरु22:3523:38रात
मंगल23:3800:40रात
सूर्य00:4001:43रात
शुक्र01:4302:45रात
बुध02:4503:48रात
चंद्र03:4804:51रात
शनि04:5105:53रात

अयनांश 24.2454° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।