19 अक्टूबर 2027 को रियाद का चौघड़िया

मंगलवार, 19 अक्टूबर 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

मंगलवार, 19 अक्टूबर 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (14:12 तक), नक्षत्र रोहिणी (20:45 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 14:30 से 15:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 17:23
रात 05:53 तक
तिथि
चतुर्थी, 14:12 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 20:45 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:52 – 07:19टालें
उद्वेग07:19 – 08:45टालें
चर08:45 – 10:11सामान्य
लाभ10:11 – 11:37शुभ
अमृत11:37 – 13:04शुभ
काल13:04 – 14:30टालें
शुभ14:30 – 15:56शुभ
रोग15:56 – 17:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:23 – 18:56टालें
लाभ18:56 – 20:30शुभ
उद्वेग20:30 – 22:04टालें
शुभ22:04 – 23:38शुभ
अमृत23:38 – 01:11शुभ
चर01:11 – 02:45सामान्य
रोग02:45 – 04:19टालें
काल04:19 – 05:53टालें

19 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 14:12 तक
कृष्ण पंचमी 12:48, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:45 तक
मृगशिरा 20:00, 20 अक्टू॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 06:47 तक
वरीयान 04:35, 20 अक्टू॰ तक
परिघअशुभ 02:12, 21 अक्टू॰ तक
करण
बालव 14:12 तक
कौलव 01:32, 20 अक्टू॰ तक
तैतिल 12:48, 20 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
20:11
चंद्रास्त
09:30
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:30 – 15:56
यमगंड
08:45 – 10:11
गुलिक काल
11:37 – 13:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5206:50दिन
सूर्य06:5007:47दिन
शुक्र07:4708:45दिन
बुध08:4509:42दिन
चंद्र09:4210:40दिन
शनि10:4011:37दिन
गुरु11:3712:35दिन
मंगल12:3513:33दिन
सूर्य13:3314:30दिन
शुक्र14:3015:28दिन
बुध15:2816:25दिन
चंद्र16:2517:23दिन
शनि17:2318:25रात
गुरु18:2519:28रात
मंगल19:2820:30रात
सूर्य20:3021:33रात
शुक्र21:3322:35रात
बुध22:3523:38रात
चंद्र23:3800:40रात
शनि00:4001:43रात
गुरु01:4302:45रात
मंगल02:4503:48रात
सूर्य03:4804:50रात
शुक्र04:5005:53रात

अयनांश 24.2454° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।