6 मार्च 2029 को राउरकेला का चौघड़िया

मंगलवार, 6 मार्च 2029, राउरकेला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 मार्च 2029 को राउरकेला में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (01:52, 7 मार्च तक), नक्षत्र अनुराधा (02:33, 7 मार्च तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 14:59 से 16:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 17:56
रात 06:06 तक
तिथि
सप्तमी, 01:52 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अनुराधा, 02:33 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:07 – 07:36टालें
उद्वेग07:36 – 09:04टालें
चर09:04 – 10:33सामान्य
लाभ10:33 – 12:01शुभ
अमृत12:01 – 13:30शुभ
काल13:30 – 14:59टालें
शुभ14:59 – 16:27शुभ
रोग16:27 – 17:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:56 – 19:27टालें
लाभ19:27 – 20:58शुभ
उद्वेग20:58 – 22:30टालें
शुभ22:30 – 00:01शुभ
अमृत00:01 – 01:32शुभ
चर01:32 – 03:04सामान्य
रोग03:04 – 04:35टालें
काल04:35 – 06:06टालें

6 मार्च 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 01:52, 7 मार्च तक
कृष्ण अष्टमी 01:00, 8 मार्च तक
नक्षत्र
अनुराधा 02:33, 7 मार्च तक
ज्येष्ठा 02:23, 8 मार्च तक
योग
हर्षण 22:47 तक
वज्रअशुभ 20:50, 7 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:34 तक
बव 01:52, 7 मार्च तक
बालव 13:21, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:06
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
14:59 – 16:27
यमगंड
09:04 – 10:33
गुलिक काल
12:01 – 13:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0707:06दिन
सूर्य07:0608:05दिन
शुक्र08:0509:04दिन
बुध09:0410:03दिन
चंद्र10:0311:02दिन
शनि11:0212:01दिन
गुरु12:0113:00दिन
मंगल13:0014:00दिन
सूर्य14:0014:59दिन
शुक्र14:5915:58दिन
बुध15:5816:57दिन
चंद्र16:5717:56दिन
शनि17:5618:57रात
गुरु18:5719:58रात
मंगल19:5820:58रात
सूर्य20:5821:59रात
शुक्र21:5923:00रात
बुध23:0000:01रात
चंद्र00:0101:02रात
शनि01:0202:03रात
गुरु02:0303:04रात
मंगल03:0404:04रात
सूर्य04:0405:05रात
शुक्र05:0506:06रात

अयनांश 24.2646° (लाहिड़ी)। समय राउरकेला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।