5 नवंबर 2029 को राउरकेला का चौघड़िया

सोमवार, 5 नवंबर 2029, राउरकेला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 नवंबर 2029 को राउरकेला में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (13:45 तक), नक्षत्र चित्रा (13:21 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 07:21 से 08:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 17:11
रात 05:57 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:45 तक
अमावस्या
नक्षत्र
चित्रा, 13:21 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:56 – 07:21शुभ
काल07:21 – 08:45टालें
शुभ08:45 – 10:09शुभ
रोग10:09 – 11:34टालें
उद्वेग11:34 – 12:58टालें
चर12:58 – 14:22सामान्य
लाभ14:22 – 15:46शुभ
अमृत15:46 – 17:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:11 – 18:47सामान्य
रोग18:47 – 20:22टालें
काल20:22 – 21:58टालें
लाभ21:58 – 23:34शुभ
उद्वेग23:34 – 01:10टालें
शुभ01:10 – 02:45शुभ
अमृत02:45 – 04:21शुभ
चर04:21 – 05:57सामान्य

5 नवंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 13:45 तक
अमावस्या 09:54, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 13:21 तक
स्वाति 10:16, 6 नव॰ तक
योग
प्रीति 14:57 तक
आयुष्मान 10:35, 6 नव॰ तक
करण
शकुनि 13:45 तक
चतुष्पद 23:49 तक
नाग 09:54, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
04:44
चंद्रास्त
16:18
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
07:21 – 08:45
यमगंड
10:09 – 11:34
गुलिक काल
12:58 – 14:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5606:52दिन
शनि06:5207:49दिन
गुरु07:4908:45दिन
मंगल08:4509:41दिन
सूर्य09:4110:37दिन
शुक्र10:3711:34दिन
बुध11:3412:30दिन
चंद्र12:3013:26दिन
शनि13:2614:22दिन
गुरु14:2215:18दिन
मंगल15:1816:15दिन
सूर्य16:1517:11दिन
शुक्र17:1118:15रात
बुध18:1519:18रात
चंद्र19:1820:22रात
शनि20:2221:26रात
गुरु21:2622:30रात
मंगल22:3023:34रात
सूर्य23:3400:38रात
शुक्र00:3801:41रात
बुध01:4102:45रात
चंद्र02:4503:49रात
शनि03:4904:53रात
गुरु04:5305:57रात

अयनांश 24.2740° (लाहिड़ी)। समय राउरकेला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।