27 सितंबर 2025 को सांगली का चौघड़िया

शनिवार, 27 सितंबर 2025, सांगली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 27 सितंबर 2025 को सांगली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (12:04 तक), नक्षत्र अनुराधा (01:08, 28 सित॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 09:21 से 10:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:23
रात 06:21 तक
तिथि
पंचमी, 12:04 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 01:08 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:21 – 07:51टालें
शुभ07:51 – 09:21शुभ
रोग09:21 – 10:52टालें
उद्वेग10:52 – 12:22टालें
चर12:22 – 13:52सामान्य
लाभ13:52 – 15:23शुभ
अमृत15:23 – 16:53शुभ
काल16:53 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:23 – 19:53शुभ
उद्वेग19:53 – 21:23टालें
शुभ21:23 – 22:52शुभ
अमृत22:52 – 00:22शुभ
चर00:22 – 01:52सामान्य
रोग01:52 – 03:22टालें
काल03:22 – 04:51टालें
लाभ04:51 – 06:21शुभ

27 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 12:04 तक
शुक्ल षष्ठी 14:27, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 01:08, 28 सित॰ तक
ज्येष्ठा 03:55, 29 सित॰ तक
योग
प्रीति 23:45 तक
आयुष्मान 00:32, 29 सित॰ तक
करण
बालव 12:04 तक
कौलव 01:17, 28 सित॰ तक
तैतिल 14:27, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
10:43
चंद्रास्त
21:55
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
09:21 – 10:52
यमगंड
13:52 – 15:23
गुलिक काल
06:21 – 07:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2107:21दिन
गुरु07:2108:21दिन
मंगल08:2109:21दिन
सूर्य09:2110:22दिन
शुक्र10:2211:22दिन
बुध11:2212:22दिन
चंद्र12:2213:22दिन
शनि13:2214:23दिन
गुरु14:2315:23दिन
मंगल15:2316:23दिन
सूर्य16:2317:23दिन
शुक्र17:2318:23दिन
बुध18:2319:23रात
चंद्र19:2320:23रात
शनि20:2321:23रात
गुरु21:2322:23रात
मंगल22:2323:22रात
सूर्य23:2200:22रात
शुक्र00:2201:22रात
बुध01:2202:22रात
चंद्र02:2203:22रात
शनि03:2204:21रात
गुरु04:2105:21रात
मंगल05:2106:21रात

अयनांश 24.2166° (लाहिड़ी)। समय सांगली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।