19 जनवरी 2027 को सांगली का चौघड़िया

मंगलवार, 19 जनवरी 2027, सांगली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 19 जनवरी 2027 को सांगली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (07:49 तक), नक्षत्र रोहिणी (18:54 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 15:31 से 16:55 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 18:20
रात 07:04 तक
तिथि
द्वादशी, 04:41 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रोहिणी, 18:54 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:04 – 08:28टालें
उद्वेग08:28 – 09:53टालें
चर09:53 – 11:17सामान्य
लाभ11:17 – 12:42शुभ
अमृत12:42 – 14:06शुभ
काल14:06 – 15:31टालें
शुभ15:31 – 16:55शुभ
रोग16:55 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:20 – 19:55टालें
लाभ19:55 – 21:31शुभ
उद्वेग21:31 – 23:06टालें
शुभ23:06 – 00:42शुभ
अमृत00:42 – 02:17शुभ
चर02:17 – 03:53सामान्य
रोग03:53 – 05:28टालें
काल05:28 – 07:04टालें

19 जनवरी 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 07:49 तक
शुक्ल द्वादशी 04:41, 20 जन॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 01:12, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 18:54 तक
मृगशिरा 16:17, 20 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 02:27, 20 जन॰ तक
इंद्र 22:23, 20 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:49 तक
बव 18:19 तक
बालव 04:41, 20 जन॰ तक
कौलव 14:59, 20 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 05:38, 20 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
14:55
चंद्रास्त
03:35
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
15:31 – 16:55
यमगंड
09:53 – 11:17
गुलिक काल
12:42 – 14:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0408:00दिन
सूर्य08:0008:57दिन
शुक्र08:5709:53दिन
बुध09:5310:49दिन
चंद्र10:4911:46दिन
शनि11:4612:42दिन
गुरु12:4213:38दिन
मंगल13:3814:35दिन
सूर्य14:3515:31दिन
शुक्र15:3116:27दिन
बुध16:2717:24दिन
चंद्र17:2418:20दिन
शनि18:2019:24रात
गुरु19:2420:27रात
मंगल20:2721:31रात
सूर्य21:3122:35रात
शुक्र22:3523:38रात
बुध23:3800:42रात
चंद्र00:4201:46रात
शनि01:4602:49रात
गुरु02:4903:53रात
मंगल03:5304:57रात
सूर्य04:5706:00रात
शुक्र06:0007:04रात

अयनांश 24.2349° (लाहिड़ी)। समय सांगली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।