1 जनवरी 2026 को सिएटल का चौघड़िया

गुरुवार, 1 जनवरी 2026, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (08:52 तक), नक्षत्र रोहिणी (09:18 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:57 पर और सूर्यास्त 16:28 पर है। राहुकाल 13:17 से 14:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:57 – 16:28
रात 07:57 तक
तिथि
चतुर्दशी, 05:23 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मृगशिरा, 06:34 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:57 – 09:01शुभ
रोग09:01 – 10:05टालें
उद्वेग10:05 – 11:09टालें
चर11:09 – 12:13सामान्य
लाभ12:13 – 13:17शुभ
अमृत13:17 – 14:20शुभ
काल14:20 – 15:24टालें
शुभ15:24 – 16:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:28 – 18:24शुभ
चर18:24 – 20:20सामान्य
रोग20:20 – 22:17टालें
काल22:17 – 00:13टालें
लाभ00:13 – 02:09शुभ
उद्वेग02:09 – 04:05टालें
शुभ04:05 – 06:01शुभ
अमृत06:01 – 07:57शुभ

1 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 08:52 तक
शुक्ल चतुर्दशी 05:23, 2 जन॰ तक
पूर्णिमा 02:02, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 09:18 तक
मृगशिरा 06:34, 2 जन॰ तक
आर्द्रा 03:58, 3 जन॰ तक
योग
शुक्ल 23:37 तक
ब्रह्म 19:35, 2 जन॰ तक
करण
तैतिल 08:52 तक
गर 19:08 तक
वणिज 05:23, 2 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:41, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 19:56 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:57
सूर्यास्त
16:28
चंद्रोदय
14:19
चंद्रास्त
06:39
दिनमान
8h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:53 – 06:55
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
13:17 – 14:20
यमगंड
07:57 – 09:01
गुलिक काल
10:05 – 11:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:5708:40दिन
मंगल08:4009:22दिन
सूर्य09:2210:05दिन
शुक्र10:0510:47दिन
बुध10:4711:30दिन
चंद्र11:3012:13दिन
शनि12:1312:55दिन
गुरु12:5513:38दिन
मंगल13:3814:20दिन
सूर्य14:2015:03दिन
शुक्र15:0315:46दिन
बुध15:4616:28दिन
चंद्र16:2817:46रात
शनि17:4619:03रात
गुरु19:0320:20रात
मंगल20:2021:38रात
सूर्य21:3822:55रात
शुक्र22:5500:13रात
बुध00:1301:30रात
चंद्र01:3002:47रात
शनि02:4704:05रात
गुरु04:0505:22रात
मंगल05:2206:40रात
सूर्य06:4007:57रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।