9 मार्च 2028 को शिमला का चौघड़िया

गुरुवार, 9 मार्च 2028, शिमला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 9 मार्च 2028 को शिमला में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (14:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (12:22 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 14:00 से 15:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:25
रात 06:37 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:02 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 12:22 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:38 – 08:06शुभ
रोग08:06 – 09:35टालें
उद्वेग09:35 – 11:03टालें
चर11:03 – 12:31सामान्य
लाभ12:31 – 14:00शुभ
अमृत14:00 – 15:28शुभ
काल15:28 – 16:57टालें
शुभ16:57 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:25 – 19:56शुभ
चर19:56 – 21:28सामान्य
रोग21:28 – 22:59टालें
काल22:59 – 00:31टालें
लाभ00:31 – 02:02शुभ
उद्वेग02:02 – 03:34टालें
शुभ03:34 – 05:05शुभ
अमृत05:05 – 06:37शुभ

9 मार्च 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 14:02 तक
शुक्ल चतुर्दशी 10:21, 10 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 09:28, 10 मार्च तक
योग
सुकर्मा 00:48, 10 मार्च तक
धृति 20:32, 10 मार्च तक
करण
तैतिल 14:02 तक
गर 00:12, 10 मार्च तक
वणिज 10:21, 10 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 12:22 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
16:39
चंद्रास्त
05:11
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
14:00 – 15:28
यमगंड
06:38 – 08:06
गुलिक काल
09:35 – 11:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3807:37दिन
मंगल07:3708:36दिन
सूर्य08:3609:35दिन
शुक्र09:3510:34दिन
बुध10:3411:33दिन
चंद्र11:3312:31दिन
शनि12:3113:30दिन
गुरु13:3014:29दिन
मंगल14:2915:28दिन
सूर्य15:2816:27दिन
शुक्र16:2717:26दिन
बुध17:2618:25दिन
चंद्र18:2519:26रात
शनि19:2620:27रात
गुरु20:2721:28रात
मंगल21:2822:29रात
सूर्य22:2923:30रात
शुक्र23:3000:31रात
बुध00:3101:32रात
चंद्र01:3202:33रात
शनि02:3303:34रात
गुरु03:3404:35रात
मंगल04:3505:36रात
सूर्य05:3606:37रात

अयनांश 24.2508° (लाहिड़ी)। समय शिमला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।