10 अक्टूबर 2025 को सिलचर का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (19:38 तक), नक्षत्र कृत्तिका (17:31 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:14 पर और सूर्यास्त 16:56 पर है। राहुकाल 09:37 से 11:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:14 – 16:56
रात 05:15 तक
तिथि
चतुर्थी, 19:38 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 17:31 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:14 – 06:42सामान्य
लाभ06:42 – 08:10शुभ
अमृत08:10 – 09:37शुभ
काल09:37 – 11:05टालें
शुभ11:05 – 12:33शुभ
रोग12:33 – 14:01टालें
उद्वेग14:01 – 15:28टालें
चर15:28 – 16:56सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:56 – 18:29टालें
काल18:29 – 20:01टालें
लाभ20:01 – 21:33शुभ
उद्वेग21:33 – 23:05टालें
शुभ23:05 – 00:38शुभ
अमृत00:38 – 02:10शुभ
चर02:10 – 03:42सामान्य
रोग03:42 – 05:15टालें

10 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 19:38 तक
कृष्ण पंचमी 16:43, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 15:20, 11 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 17:41 तक
व्यतीपातअशुभ 14:07, 11 अक्टू॰ तक
करण
बव 09:14 तक
बालव 19:38 तक
कौलव 06:08, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
16:56
चंद्रोदय
19:18
चंद्रास्त
08:32
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:25
अभिजीत मुहूर्त
10:42 – 11:29

अशुभ समय

राहुकाल
09:37 – 11:05
यमगंड
14:01 – 15:28
गुलिक काल
06:42 – 08:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1406:13दिन
बुध06:1307:11दिन
चंद्र07:1108:10दिन
शनि08:1009:08दिन
गुरु09:0810:07दिन
मंगल10:0711:05दिन
सूर्य11:0512:04दिन
शुक्र12:0413:02दिन
बुध13:0214:01दिन
चंद्र14:0114:59दिन
शनि14:5915:58दिन
गुरु15:5816:56दिन
मंगल16:5617:58रात
सूर्य17:5818:59रात
शुक्र18:5920:01रात
बुध20:0121:02रात
चंद्र21:0222:04रात
शनि22:0423:05रात
गुरु23:0500:07रात
मंगल00:0701:08रात
सूर्य01:0802:10रात
शुक्र02:1003:11रात
बुध03:1104:13रात
चंद्र04:1305:15रात

अयनांश 24.2171° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।