20 अक्टूबर 2026 को सिलचर का चौघड़िया

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (12:50 तक), नक्षत्र श्रवण (18:02 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:19 पर और सूर्यास्त 16:47 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:19 – 16:47
रात 05:19 तक
तिथि
नवमी, 12:50 तक
दशमी
नक्षत्र
श्रवण, 18:02 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:19 – 06:45टालें
उद्वेग06:45 – 08:11टालें
चर08:11 – 09:37सामान्य
लाभ09:37 – 11:03शुभ
अमृत11:03 – 12:29शुभ
काल12:29 – 13:55टालें
शुभ13:55 – 15:21शुभ
रोग15:21 – 16:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:47 – 18:21टालें
लाभ18:21 – 19:55शुभ
उद्वेग19:55 – 21:29टालें
शुभ21:29 – 23:03शुभ
अमृत23:03 – 00:37शुभ
चर00:37 – 02:11सामान्य
रोग02:11 – 03:45टालें
काल03:45 – 05:19टालें

20 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 12:50 तक
शुक्ल दशमी 14:12, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:02 तक
धनिष्ठा 19:48, 21 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 00:50, 21 अक्टू॰ तक
गंडअशुभ 00:33, 22 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 12:50 तक
तैतिल 01:36, 21 अक्टू॰ तक
गर 14:12, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:19
सूर्यास्त
16:47
चंद्रोदय
13:09
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:39 – 04:29
अभिजीत मुहूर्त
10:40 – 11:26

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:21
यमगंड
08:11 – 09:37
गुलिक काल
11:03 – 12:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1906:16दिन
सूर्य06:1607:13दिन
शुक्र07:1308:11दिन
बुध08:1109:08दिन
चंद्र09:0810:06दिन
शनि10:0611:03दिन
गुरु11:0312:00दिन
मंगल12:0012:58दिन
सूर्य12:5813:55दिन
शुक्र13:5514:53दिन
बुध14:5315:50दिन
चंद्र15:5016:47दिन
शनि16:4717:50रात
गुरु17:5018:53रात
मंगल18:5319:55रात
सूर्य19:5520:58रात
शुक्र20:5822:01रात
बुध22:0123:03रात
चंद्र23:0300:06रात
शनि00:0601:09रात
गुरु01:0902:11रात
मंगल02:1103:14रात
सूर्य03:1404:17रात
शुक्र04:1705:19रात

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।