10 अप्रैल 2027 को सिलचर का चौघड़िया

शनिवार, 10 अप्रैल 2027, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 अप्रैल 2027 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (23:40 तक), नक्षत्र कृत्तिका (16:07 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:02 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 08:11 से 09:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:02 – 17:38
रात 05:01 तक
तिथि
चतुर्थी, 23:40 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 16:07 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:02 – 06:36टालें
शुभ06:36 – 08:11शुभ
रोग08:11 – 09:45टालें
उद्वेग09:45 – 11:20टालें
चर11:20 – 12:55सामान्य
लाभ12:55 – 14:29शुभ
अमृत14:29 – 16:04शुभ
काल16:04 – 17:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:38 – 19:04शुभ
उद्वेग19:04 – 20:29टालें
शुभ20:29 – 21:54शुभ
अमृत21:54 – 23:19शुभ
चर23:19 – 00:45सामान्य
रोग00:45 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:35टालें
लाभ03:35 – 05:01शुभ

10 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 23:40 तक
शुक्ल पंचमी 21:40, 11 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:53, 11 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 22:21 तक
सौभाग्य 19:37, 11 अप्रैल तक
करण
वणिज 12:37 तक
विष्टि (भद्रा) 23:40 तक
बव 10:41, 11 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:02
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
06:59
चंद्रास्त
21:14
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
10:55 – 11:45

अशुभ समय

राहुकाल
08:11 – 09:45
यमगंड
12:55 – 14:29
गुलिक काल
05:02 – 06:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0206:05दिन
गुरु06:0507:08दिन
मंगल07:0808:11दिन
सूर्य08:1109:14दिन
शुक्र09:1410:17दिन
बुध10:1711:20दिन
चंद्र11:2012:23दिन
शनि12:2313:26दिन
गुरु13:2614:29दिन
मंगल14:2915:32दिन
सूर्य15:3216:35दिन
शुक्र16:3517:38दिन
बुध17:3818:35रात
चंद्र18:3519:32रात
शनि19:3220:29रात
गुरु20:2921:26रात
मंगल21:2622:23रात
सूर्य22:2323:19रात
शुक्र23:1900:16रात
बुध00:1601:13रात
चंद्र01:1302:10रात
शनि02:1003:07रात
गुरु03:0704:04रात
मंगल04:0405:01रात

अयनांश 24.2380° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।