10 अक्टूबर 2027 को सिलचर का चौघड़िया

रविवार, 10 अक्टूबर 2027, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 10 अक्टूबर 2027 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (11:41 तक), नक्षत्र श्रवण (13:25 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:14 पर और सूर्यास्त 16:57 पर है। राहुकाल 15:29 से 16:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:14 – 16:57
रात 05:14 तक
तिथि
दशमी, 11:41 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण, 13:25 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:14 – 06:42टालें
चर06:42 – 08:10सामान्य
लाभ08:10 – 09:37शुभ
अमृत09:37 – 11:05शुभ
काल11:05 – 12:33टालें
शुभ12:33 – 14:01शुभ
रोग14:01 – 15:29टालें
उद्वेग15:29 – 16:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:57 – 18:29शुभ
अमृत18:29 – 20:01शुभ
चर20:01 – 21:33सामान्य
रोग21:33 – 23:05टालें
काल23:05 – 00:38टालें
लाभ00:38 – 02:10शुभ
उद्वेग02:10 – 03:42टालें
शुभ03:42 – 05:14शुभ

10 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल दशमी 11:41 तक
शुक्ल एकादशी 14:09, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:25 तक
धनिष्ठा 16:21, 11 अक्टू॰ तक
योग
धृति 14:54 तक
शूलअशुभ 15:45, 11 अक्टू॰ तक
करण
गर 11:41 तक
वणिज 00:57, 11 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:09, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मकर 02:55, 11 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
16:57
चंद्रोदय
13:52
चंद्रास्त
00:27
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:25
अभिजीत मुहूर्त
10:42 – 11:29

अशुभ समय

राहुकाल
15:29 – 16:57
यमगंड
11:05 – 12:33
गुलिक काल
14:01 – 15:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1406:12दिन
शुक्र06:1207:11दिन
बुध07:1108:10दिन
चंद्र08:1009:08दिन
शनि09:0810:07दिन
गुरु10:0711:05दिन
मंगल11:0512:04दिन
सूर्य12:0413:02दिन
शुक्र13:0214:01दिन
बुध14:0115:00दिन
चंद्र15:0015:58दिन
शनि15:5816:57दिन
गुरु16:5717:58रात
मंगल17:5819:00रात
सूर्य19:0020:01रात
शुक्र20:0121:03रात
बुध21:0322:04रात
चंद्र22:0423:05रात
शनि23:0500:07रात
गुरु00:0701:08रात
मंगल01:0802:10रात
सूर्य02:1003:11रात
शुक्र03:1104:13रात
बुध04:1305:14रात

अयनांश 24.2450° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।