6 अप्रैल 2028 को सिलचर का चौघड़िया

गुरुवार, 6 अप्रैल 2028, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 अप्रैल 2028 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (01:52, 7 अप्रैल तक), नक्षत्र मघा (19:27 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 12:55 से 14:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 17:37
रात 05:04 तक
तिथि
द्वादशी, 01:52 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा, 19:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:05 – 06:39शुभ
रोग06:39 – 08:13टालें
उद्वेग08:13 – 09:47टालें
चर09:47 – 11:21सामान्य
लाभ11:21 – 12:55शुभ
अमृत12:55 – 14:29शुभ
काल14:29 – 16:03टालें
शुभ16:03 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:37 – 19:03शुभ
चर19:03 – 20:29सामान्य
रोग20:29 – 21:54टालें
काल21:54 – 23:20टालें
लाभ23:20 – 00:46शुभ
उद्वेग00:46 – 02:12टालें
शुभ02:12 – 03:38शुभ
अमृत03:38 – 05:04शुभ

6 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 01:52, 7 अप्रैल तक
शुक्ल त्रयोदशी 22:33, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 19:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी 16:57, 7 अप्रैल तक
योग
शूलअशुभ 09:44 तक
गंडअशुभ 06:00, 7 अप्रैल तक
करण
बव 15:27 तक
बालव 01:52, 7 अप्रैल तक
कौलव 12:13, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
14:26
चंद्रास्त
02:32
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:33 – 04:19
अभिजीत मुहूर्त
10:56 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
12:55 – 14:29
यमगंड
05:05 – 06:39
गुलिक काल
08:13 – 09:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0506:07दिन
मंगल06:0707:10दिन
सूर्य07:1008:13दिन
शुक्र08:1309:15दिन
बुध09:1510:18दिन
चंद्र10:1811:21दिन
शनि11:2112:23दिन
गुरु12:2313:26दिन
मंगल13:2614:29दिन
सूर्य14:2915:31दिन
शुक्र15:3116:34दिन
बुध16:3417:37दिन
चंद्र17:3718:34रात
शनि18:3419:31रात
गुरु19:3120:29रात
मंगल20:2921:26रात
सूर्य21:2622:23रात
शुक्र22:2323:20रात
बुध23:2000:18रात
चंद्र00:1801:15रात
शनि01:1502:12रात
गुरु02:1203:09रात
मंगल03:0904:07रात
सूर्य04:0705:04रात

अयनांश 24.2519° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।