28 दिसंबर 2028 को सिलचर का चौघड़िया

गुरुवार, 28 दिसंबर 2028, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 28 दिसंबर 2028 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (23:21 तक), नक्षत्र कृत्तिका (04:29, 29 दिस॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 16:38 पर है। राहुकाल 12:40 से 13:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 16:38
रात 06:02 तक
तिथि
द्वादशी, 23:21 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 04:29 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:02 – 07:21शुभ
रोग07:21 – 08:41टालें
उद्वेग08:41 – 10:00टालें
चर10:00 – 11:20सामान्य
लाभ11:20 – 12:40शुभ
अमृत12:40 – 13:59शुभ
काल13:59 – 15:19टालें
शुभ15:19 – 16:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:38 – 18:19शुभ
चर18:19 – 19:59सामान्य
रोग19:59 – 21:40टालें
काल21:40 – 23:20टालें
लाभ23:20 – 01:01शुभ
उद्वेग01:01 – 02:41टालें
शुभ02:41 – 04:22शुभ
अमृत04:22 – 06:02शुभ

28 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 23:21 तक
शुक्ल त्रयोदशी 23:36, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 04:29, 29 दिस॰ तक
रोहिणी 05:10, 30 दिस॰ तक
योग
साध्य 04:13, 29 दिस॰ तक
शुभ 03:08, 30 दिस॰ तक
करण
बव 10:59 तक
बालव 23:21 तक
कौलव 11:34, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मेष 09:34 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
16:38
चंद्रोदय
13:36
चंद्रास्त
02:42
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
12:40 – 13:59
यमगंड
06:02 – 07:21
गुलिक काल
08:41 – 10:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0206:55दिन
मंगल06:5507:48दिन
सूर्य07:4808:41दिन
शुक्र08:4109:34दिन
बुध09:3410:27दिन
चंद्र10:2711:20दिन
शनि11:2012:13दिन
गुरु12:1313:06दिन
मंगल13:0613:59दिन
सूर्य13:5914:52दिन
शुक्र14:5215:45दिन
बुध15:4516:38दिन
चंद्र16:3817:45रात
शनि17:4518:52रात
गुरु18:5219:59रात
मंगल19:5921:06रात
सूर्य21:0622:13रात
शुक्र22:1323:20रात
बुध23:2000:27रात
चंद्र00:2701:34रात
शनि01:3402:41रात
गुरु02:4103:48रात
मंगल03:4804:55रात
सूर्य04:5506:02रात

अयनांश 24.2620° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।