1 जनवरी 2029 को सिलचर का चौघड़िया

सोमवार, 1 जनवरी 2029, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 जनवरी 2029 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (20:53 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (03:57, 2 जन॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 16:41 पर है। राहुकाल 07:23 से 08:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 16:41
रात 06:03 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:53 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 03:57 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:03 – 07:23शुभ
काल07:23 – 08:42टालें
शुभ08:42 – 10:02शुभ
रोग10:02 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 12:42टालें
चर12:42 – 14:01सामान्य
लाभ14:01 – 15:21शुभ
अमृत15:21 – 16:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:41 – 18:21सामान्य
रोग18:21 – 20:01टालें
काल20:01 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:22शुभ
उद्वेग23:22 – 01:02टालें
शुभ01:02 – 02:43शुभ
अमृत02:43 – 04:23शुभ
चर04:23 – 06:03सामान्य

1 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 20:53 तक
कृष्ण द्वितीया 19:06, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 03:57, 2 जन॰ तक
पुष्य 02:44, 3 जन॰ तक
योग
इंद्र 21:12 तक
वैधृतिअशुभ 18:32, 2 जन॰ तक
करण
बालव 09:39 तक
कौलव 20:53 तक
तैतिल 08:02, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 22:12 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
16:41
चंद्रोदय
17:25
चंद्रास्त
06:24
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
07:23 – 08:42
यमगंड
10:02 – 11:22
गुलिक काल
12:42 – 14:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0306:56दिन
शनि06:5607:49दिन
गुरु07:4908:42दिन
मंगल08:4209:36दिन
सूर्य09:3610:29दिन
शुक्र10:2911:22दिन
बुध11:2212:15दिन
चंद्र12:1513:08दिन
शनि13:0814:01दिन
गुरु14:0114:55दिन
मंगल14:5515:48दिन
सूर्य15:4816:41दिन
शुक्र16:4117:48रात
बुध17:4818:55रात
चंद्र18:5520:01रात
शनि20:0121:08रात
गुरु21:0822:15रात
मंगल22:1523:22रात
सूर्य23:2200:29रात
शुक्र00:2901:36रात
बुध01:3602:43रात
चंद्र02:4303:50रात
शनि03:5004:56रात
गुरु04:5606:03रात

अयनांश 24.2622° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।