21 फ़रवरी 2029 को सिलचर का चौघड़िया

बुधवार, 21 फ़रवरी 2029, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 21 फ़रवरी 2029 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (07:50 तक), नक्षत्र कृत्तिका (22:35 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 11:32 से 12:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:16
रात 05:47 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 22:35 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:48 – 07:14शुभ
अमृत07:14 – 08:40शुभ
काल08:40 – 10:06टालें
शुभ10:06 – 11:32शुभ
रोग11:32 – 12:58टालें
उद्वेग12:58 – 14:24टालें
चर14:24 – 15:50सामान्य
लाभ15:50 – 17:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:16 – 18:50टालें
शुभ18:50 – 20:24शुभ
अमृत20:24 – 21:58शुभ
चर21:58 – 23:32सामान्य
रोग23:32 – 01:05टालें
काल01:05 – 02:39टालें
लाभ02:39 – 04:13शुभ
उद्वेग04:13 – 05:47टालें

21 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 07:50 तक
शुक्ल अष्टमी 09:19, 22 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:13, 23 फ़र॰ तक
योग
इंद्र 18:13 तक
वैधृतिअशुभ 18:04, 22 फ़र॰ तक
करण
वणिज 07:50 तक
विष्टि (भद्रा) 20:39 तक
बव 09:19, 22 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
10:06
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 11:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:32 – 12:58
यमगंड
07:14 – 08:40
गुलिक काल
10:06 – 11:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4806:45दिन
चंद्र06:4507:43दिन
शनि07:4308:40दिन
गुरु08:4009:37दिन
मंगल09:3710:35दिन
सूर्य10:3511:32दिन
शुक्र11:3212:29दिन
बुध12:2913:27दिन
चंद्र13:2714:24दिन
शनि14:2415:21दिन
गुरु15:2116:19दिन
मंगल16:1917:16दिन
सूर्य17:1618:19रात
शुक्र18:1919:21रात
बुध19:2120:24रात
चंद्र20:2421:26रात
शनि21:2622:29रात
गुरु22:2923:32रात
मंगल23:3200:34रात
सूर्य00:3401:37रात
शुक्र01:3702:39रात
बुध02:3903:42रात
चंद्र03:4204:45रात
शनि04:4505:47रात

अयनांश 24.2641° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।