7 सितंबर 2029 को सिलचर का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 सितंबर 2029, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 सितंबर 2029 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (19:12 तक), नक्षत्र मघा (02:25, 8 सित॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:01 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 09:42 से 11:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:01 – 17:31
रात 05:02 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:12 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मघा, 02:25 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:01 – 06:35सामान्य
लाभ06:35 – 08:09शुभ
अमृत08:09 – 09:42शुभ
काल09:42 – 11:16टालें
शुभ11:16 – 12:50शुभ
रोग12:50 – 14:23टालें
उद्वेग14:23 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:31सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:31 – 18:57टालें
काल18:57 – 20:24टालें
लाभ20:24 – 21:50शुभ
उद्वेग21:50 – 23:16टालें
शुभ23:16 – 00:43शुभ
अमृत00:43 – 02:09शुभ
चर02:09 – 03:35सामान्य
रोग03:35 – 05:02टालें

7 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 19:12 तक
अमावस्या 16:14, 8 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 02:25, 8 सित॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 00:07, 9 सित॰ तक
योग
शिव 14:11 तक
सिद्ध 10:45, 8 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:31 तक
शकुनि 19:12 तक
चतुष्पद 05:46, 8 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:01
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
03:35
चंद्रास्त
16:31
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
10:51 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
09:42 – 11:16
यमगंड
14:23 – 15:57
गुलिक काल
06:35 – 08:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0106:04दिन
बुध06:0407:06दिन
चंद्र07:0608:09दिन
शनि08:0909:11दिन
गुरु09:1110:14दिन
मंगल10:1411:16दिन
सूर्य11:1612:19दिन
शुक्र12:1913:21दिन
बुध13:2114:23दिन
चंद्र14:2315:26दिन
शनि15:2616:28दिन
गुरु16:2817:31दिन
मंगल17:3118:28रात
सूर्य18:2819:26रात
शुक्र19:2620:24रात
बुध20:2421:21रात
चंद्र21:2122:19रात
शनि22:1923:16रात
गुरु23:1600:14रात
मंगल00:1401:11रात
सूर्य01:1102:09रात
शुक्र02:0903:07रात
बुध03:0704:04रात
चंद्र04:0405:02रात

अयनांश 24.2717° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।