17 जनवरी 2029 को सिलीगुड़ी का चौघड़िया

बुधवार, 17 जनवरी 2029, सिलीगुड़ी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 जनवरी 2029 को सिलीगुड़ी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (02:14, 18 जन॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (20:07 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 17:06 पर है। राहुकाल 11:46 से 13:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 17:06
रात 06:26 तक
तिथि
तृतीया, 02:14 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 20:07 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:26 – 07:46शुभ
अमृत07:46 – 09:06शुभ
काल09:06 – 10:26टालें
शुभ10:26 – 11:46शुभ
रोग11:46 – 13:06टालें
उद्वेग13:06 – 14:26टालें
चर14:26 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:06 – 18:46टालें
शुभ18:46 – 20:26शुभ
अमृत20:26 – 22:06शुभ
चर22:06 – 23:46सामान्य
रोग23:46 – 01:26टालें
काल01:26 – 03:06टालें
लाभ03:06 – 04:46शुभ
उद्वेग04:46 – 06:26टालें

17 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 02:14, 18 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 04:17, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 22:32, 18 जन॰ तक
योग
सिद्धि 07:45 तक
व्यतीपातअशुभ 07:56, 18 जन॰ तक
करण
तैतिल 13:22 तक
गर 02:14, 18 जन॰ तक
वणिज 15:12, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 07:04 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
17:06
चंद्रोदय
07:53
चंद्रास्त
19:36
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:07 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:46 – 13:06
यमगंड
07:46 – 09:06
गुलिक काल
10:26 – 11:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2607:19दिन
चंद्र07:1908:13दिन
शनि08:1309:06दिन
गुरु09:0609:59दिन
मंगल09:5910:53दिन
सूर्य10:5311:46दिन
शुक्र11:4612:40दिन
बुध12:4013:33दिन
चंद्र13:3314:26दिन
शनि14:2615:20दिन
गुरु15:2016:13दिन
मंगल16:1317:06दिन
सूर्य17:0618:13रात
शुक्र18:1319:20रात
बुध19:2020:26रात
चंद्र20:2621:33रात
शनि21:3322:39रात
गुरु22:3923:46रात
मंगल23:4600:53रात
सूर्य00:5301:59रात
शुक्र01:5903:06रात
बुध03:0604:12रात
चंद्र04:1205:19रात
शनि05:1906:26रात

अयनांश 24.2628° (लाहिड़ी)। समय सिलीगुड़ी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।